औरैया। विशेष न्यायालय विद्युत अधिनियम ने बिजली चोरी के 12 साल पुराने मामले में बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया गया। बिजली चोरी के आरोपी अरविंद कुमार को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने में विफल रहा।
अभियोजन के अनुसार 17 अक्तूबर 2014 को एरवाकटरा के तत्कालीन अवर अभियंता अमित कुमार ने टीम के साथ नगला वैश्य गांव में चेकिंग की थी। टीम का दावा था कि अरविंद को एलटी लाइन से कटिया डालकर बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया था। मौके से दो कोर की काली केबल जब्त की गई थी। मामले में थाना एरवाकटरा में विद्युत अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुख्य गवाह और वादी मुकदमा अमित कुमार ने अपनी प्रतिपरीक्षा में स्वीकार किया कि वह चेकिंग के दिन नगला वैश्य गांव गए ही नहीं थे और उन्हें वहां कोई मुल्जिम नहीं मिला था।
विभागीय टीम ने जिस केबल को जब्त करने का दावा किया था उसे न तो पुलिस को सौंपा गया और न ही कोर्ट में पेश किया गया। विवेचक ने भी बयान दिया कि पूरी जांच में आरोपी से कोई बिजली संबंधी वस्तु बरामद नहीं हुई।
विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने अपने आदेश में कहा कि संदेह कितना भी गहरा हो वह सबूत का स्थान नहीं ले सकता। चूंकि अभियोजन पक्ष न तो केबल की बरामदगी साबित कर पाया और न ही चेकिंग रिपोर्ट पेश कर सका इसलिए अभियुक्त अरविंद कुमार को दोषमुक्त कर दिया गया। न्यायालय ने आरोपी के निजी मुचलके और जमानती बंधपत्रों को भी निरस्त करने का आदेश दिया।