कोरोना संक्रमण के चलते शासन ने परिषदीय विद्यालयों में ई पाठशाला के माध्यम से शैक्षणिक कार्य शुरू कराने का निर्णय लिया है।
करीब चार माह बाद एक जुलाई से शिक्षकों की उपस्थिति स्कूलों में होगी। बेसिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर विद्यालयों को खोले जाने की तैयारी शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि जिले में 1063 प्राथमिक व 453 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग 5200 शिक्षक कार्यरत हैं। मार्च के बाद से बंद हुए विद्यालय एक जुलाई से खोले जाएंगे।
विद्यालयों में सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। विद्यालय में चल रहे मिशन कायाकल्प के कार्यों की निगरानी कर रिपोर्ट संबंधित बीआरसी व बीएसए कार्यालय को देनी होगी।
साथ ही प्रधानाध्यापकों को अपने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का शत-प्रतिशत डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
शिक्षकों की सेवा पुस्तकों के सत्यापन का भी काम कराया जाएगा। मिशन प्रेरणा के तहत ई पाठशाला आयोजित कराई जाएगी।
सभी शिक्षकों की ओर से दीक्षा एप डाउनलोड करके प्रतिदिन कम से कम 10 अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें दीक्षा एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि ऐप के माध्यम से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सके।
साथ ही परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढने के लिए पाठ्यपुस्तक उनके अभिभावकों प्रदान की जाएंगी।