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Auraiya News: पसीने के साथ धूल-मिट्टी त्वचा को बना रही बीमार

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फोटो-1- मरीजों को परामर्श देते डॉ. विशाल अग्निहोत्री। संवाद
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- लाल दाने और खुजली की समस्या से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। पड़ रही भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस चिलचिलाती धूप और पसीने के कारण अब लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, विशेषकर त्वचा के संक्रमण से जूझ रहे हैं। शहर के 50 शैया जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या 50 के पार पहुंच रही है। उपचार के साथ ही डॉक्टर हल्के कपड़े और गर्मी से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
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त्वचा रोग विभाग के डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि हवा में उड़ती धूल-मिट्टी और शरीर से निकलने वाले पसीने की परत जब त्वचा पर जमा हो जाती है, तो यह बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद जगह बन जाती है। इस वजह से लोगों में घमौरियां, फंगल इन्फेक्शन (दाद, खाज, खुजली) और बैक्टीरियल इन्फेक्शन की समस्याएं तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले बड़ों और बुजुर्गों में भी रैशेज और त्वचा के लाल होने की शिकायतें मिल रही हैं। बच्चों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां ज्यादा हो रही हैं, जबकि बड़ों में फंगल इन्फेक्शन की समस्या ज्यादा देखी जा रही है। खुजली से राहत पाने के लिए लोग पाउडर का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन यह स्थाई हल नहीं है। गर्मी और धूल मिट्टी से बचाव करने की जरूरत है। साथ ही हल्के कपड़े पहनने से राहत मिलेगी।
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ऐसे करें बचाव
- पसीने और धूल को जमने न दें। हो सके तो दिन में कम से कम दो बार साफ पानी से नहाएं।
- सिंथेटिक कपड़ों से बचें। ढीले और सूती कपड़े पहनें जो पसीना सोख सकें।
- दिनभर में प्रचुर मात्रा में पानी, नींबू पानी या नारियल पानी पीते रहें। ताकि शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकलते रहें।
- संक्रमण होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी एंटी-फंगल या स्टेरॉयड क्रीम न लगाएं, इससे समस्या और बढ़ सकती है।
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