फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: दोपहर की गर्मी में ठंडा पानी पीना लोगों को बना रहा बीमार

Mon, 23 Feb 2026 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
विज्ञापन
फोटो-5- मरीजों को परामर्श देते डॉक्टर। संवाद
विज्ञापन
औरैया। सुबह-शाम और रात में हो रही ठंडक के बीच दोपहर की तेज धूप गर्मी का अहसास करा रही है। ऐसे में लोग गला तर करने के लिए ठंडा पानी पीने लगे हैं, इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लोग खांसी, जुकाम और बुखार का शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मंगलवार को खांसी, जुकाम और बुखार के 400 से ज्यादा मरीज पहुंचे। उन्हें खून की जांच कराने के साथ ही दवा दी गई। उधर, दोपहर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री तक पहुंच रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री तक रह रहा है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 12 डिग्री का अंतर भी लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज से लेकर अन्य अस्पतालों में मरीजों की कतारें नजर आईं। ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम के ही रहे। मेडिकल कॉलेज की फिजीशियन डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि लोग दोपहर की गर्मी में गला सूखने पर ठंडे पानी का सेवन कर रहे हैं। यही उन्हें बीमार बना रहा है। लोगों को सामान्य या गुनगुना पानी पीना चाहिए। सर्द व गर्म के बीच बीमार होने की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन


सीएचसी में 250 ने कराया पंजीकरण
दिबियापुर। रविवार को छुट्टी होने के बाद सोमवार को सीएचसी में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान 250 मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया। अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज वायरल बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी और खांसी के थे।
इसके साथ बंदर और कुत्ता काटने के मरीज भी आ रहे हैं। मरीजों की भारी संख्या के कारण पर्चा काउंटर, ओपीडी और पैथोलॉजी विभाग में लंबी कतारें देखी गईं। अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित होने के कारण पैथोलॉजी में रक्त जांच कराने पहुंचे। ओपीडी में डॉ. धर्मेंद्र कुमार और डॉ. रश्मि यादव ने मरीजों का उपचार किया। (संवाद)
बिना जांच के न लें दवा : डॉ. कुशवीर
एरवाकटरा। सोमवार को सीएचसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बदलते मौसम के बीच विभिन्न बीमारियों की चपेट में आए करीब 178 मरीजों ने उपचार कराया। ओपीडी में तैनात डॉ. कुशवीर ने बताया कि यदि एक दिन से अधिक समय तक बुखार बना रहे तो बिना जांच या परामर्श के दवा न लें।
बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते टाइफाइड, सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों में वायरल संक्रमण के लक्षण अधिक देखने को मिल रहे हैं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें