फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूखे पड़े तालाब और प्यासे भटक रहे पशु-पक्षी

विज्ञापन
सूखा पड़ा फफूंद रजबहा - फोटो : AURAIYA
विज्ञापन
फफूंद (औरैया)। फफूंद क्षेत्र के भाग्यनगर ब्लाक की ग्राम पंचायतों में सिंचाई विभाग और ब्लाक के अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी से ज्यादातर तालाब सूखे पड़े हैं। पानी न होने से पशु-पक्षी प्यास से भटक रहे हैं। तालाबों को भरने के लिए रजबहों और माइनरों में पानी नहीं आने से शासन के निर्देशों पर अमल नहीं हो पा रहा है और सूखे पड़े तालाबों में धूल उड़ रही है।
विज्ञापन

ब्लाक भाग्यनगर की 73 ग्राम पंचायतों में लगभग ढाई सौ सरकारी तालाब हैं। जिसमें 50 से ज्यादा तालाबों पर राजस्व विभाग की सांठगांठ से अवैध कब्जे हो रहे हैं। इससे उनका अस्तित्व ही समाप्त होने की कगार पर है। शेष बचे दो सौ में अधिकतर तालाब सूखे पड़े हैं, जिनकी ब्लाक के अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहे हैं। तालाबों में पानी न होने से पशु-पक्षी भीषण गर्मी में प्यास से भटक रहे हैं।
तालाबों को पानी से भरने के शासन के फरमान पर भी सिंचाई विभाग और ब्लाक के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। तालाबों को भरने के लिए फफूंद रजबहा में पानी ही नहीं आ रहा है। जिससे निकलने वाली माइनर भी सूखी पड़ी हैं। वहीं पंचायत सचिव व ब्लाक के अधिकारी भी लापरवाही बरत रहे हैं।
विज्ञापन

फफूंद रजबहा संघ अध्यक्ष गिरधर भक्त मिश्रा ने बताया कि सिंचाई विभाग अंग्रेजों के बनाए नियमों पर चलते हुए जंगलराज बनाए है। विभाग के अधिशासी अभियंता की लापरवाही से रजबहा में पानी नही आ रहा है जिससे क्षेत्र के सभी तालाब सूखे पड़े हैं।
सहायक अभियंता तृतीय सिंचाई खंड दिबियापुर दिनेश चंद्र ने कहा कि तालाबों को भरने के लिए फफूंद रजबहा में पानी चल रहा है पर जुआ गांव के पास कुछ लोगों ने वहां बंधा लगा दिया है। जिससे पानी आगे नही बढ़ पा रहा है।
खंड विकास अधिकारी ब्लाक भाग्यनगर विश्वनाथ पाल ने कहा कि ब्लाक के 20 तालाबों के मनरेगा से खुदाई के अलावा अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। 10 तालाबों में अमृत सरोवर योजना के तहत भी काम हो रहा है, इसलिए अभी पानी नहीं भरा जा सका है। जल्द ही तालाबों को भरवा दिया जाएगा।
इन गांवों के सूखे पड़े तालाब
ब्लाक की पंचायत बरौआ, महतेपुर, सल्हापुर, मुढ़ी, केशमपुर, पीपरपुर, फतेहपुर बेनी, सेहुदपुर, सिंदुरिया, खोयला, आमपुर, खानपुर, करही आदि में अधिकतर तालाब सूखे पड़े हैं और उनमें धूल उड़ रही है।
राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा
ब्लाक भाग्यनगर की ग्राम पंचायतों में तमाम सरकारी तालाबों पर गांव के दबंगों ने राजस्व कर्मियों की मिली भगत से अवैध कब्जा कर रखा है, जो ग्राम प्रधानों के तमाम प्रयासों के बावजूद भी हटा नहीं है। ग्राम पंचायत पीपरपुर के प्रधान अशोक यादव, आमपुर प्रधान दिनेश नायक, सल्हापुर प्रधान उमेश चंद्र कुशवाह, दखलीपुर प्रधान मोहित सिंह का कहना है कि पंचायत में सरकारी तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। इन्हें हटवाने के लिए तमाम कोशिशें कीं पर लेखपालों का सहयोग न मिलने से कब्जे ज्यों के त्यों हैं और तमाम तालाबों का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है।

सूखी पड़ी दौलतपुर माइनर (पक्की बनी हुई)। संवाद- फोटो : AURAIYA

फफूंद-औरैया रोड पर सूखा पड़ा मुढ़ी गांव का तालाब । संवाद- फोटो : AURAIYA

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें