बिधूना। दो दिन की लगातार बारिश ने नगर पंचायत की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। अछल्दा रोड से भगत सिंह चौराहे तक बनने वाला नाला एक साल से अधिक समय से अधूरा है। इसके कारण फीडर रोड तालाब में बदल गई और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
सड़क पर कई फीट पानी भरने से दुकानों में पानी घुस गया। छोटे-बड़े वाहन पानी के बीच से गुजरे, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। क्षेत्र में करीब 126 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। कस्बा के मैन मार्केट के फीडर रोड पर कोतवाली से पेट्रोल पंप तक जलभराव रहा। सीओ कार्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर भी पानी जमा रहा। कई मोहल्लों की गलियां भी पानी में डूबी रहीं। दुकानदारों ने व्यापार प्रभावित होने और सामान खराब होने की आशंका जताई है। नाला निर्माण की योजना 1.62 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी।
पिछली बारिश से पहले अछल्दा रोड पर शंकरजी मंदिर तक नाला बना था। बजट के अभाव में काम की गति धीमी पड़ गई थी। इस वर्ष बारिश शुरू होने पर शिव मंदिर से रामभरत की दुकान तक ही नाला बन पाया है। मुख्य जलनिकासी मार्ग का बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा है। यह अधूरा नाला कस्बावासियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
जलभराव के लिए केवल अधूरे नाले को ही जिम्मेदार नहीं माना जा रहा है। नगर के कई हिस्सों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होती है। इससे पानी की निकासी बाधित होने की शिकायतें सामने आई हैं। भगत सिंह चौराहे के पास पुलिया का क्षतिग्रस्त हिस्सा और जमा कीचड़ भी बाधा बन रहे हैं। बारिश के दौरान नगर पंचायत की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वर्जन
बारिश से कस्बा की कुछ सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश एक साथ ज्यादा होने पर निकासी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों को लगा दिया गया है। बारिश बंद होते ही पानी निकासी व्यवस्था कराई जाएगी। नाला निर्माण में कई बार शिकायतें लोगों द्वारा की गई। जिससे काम में देरी हो रही है। जल्द निर्माण कार्य पूरा होगा।
-आदर्श कुमार मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष