फोटो-24- मेडिकल कॉलेज का दृश्य। संवाद
औरैया। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दो साल पहले मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली। यहां पर 100 बेड की स्वास्थ्य सेवाएं 420 बेड में तब्दील हो गईं, लेकिन डॉक्टरों व स्टाफ में कुछ खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी।
मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में तैनात स्टाफ मात्र 100 बेड के मुताबिक ही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को बमुश्किल पूरा किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना ढाई हजार के करीब मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें जांच, परामर्श व दवा की सुविधा मिल रही है। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों के 86 पद स्वीकृत हैं। इसके मुकाबले 35 की तैनाती अभी तक हो सकी है। 51 पद दो साल बाद भी रिक्त हैं।
कुछ ऐसा ही हाल पैरामेडिकल स्टाफ का है। मेडिकल कॉलेज में नर्स, टेक्नीशियन, वार्डबॉय समेत स्वास्थ्यकर्मियों में 380 पद स्वीकृत हैं। इसमें से महज 49 की तैनाती है। खास बात तो यह है कि मेडिकल कॉलेज में 250 नर्सों की जरूरत है, लेकिन 29 नर्सों के जरिये ही स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
कितनी है जरूरत और कितने उपलब्ध
पद जरूरत उपलब्ध कमी
चिकित्सा शिक्षक- 86 35 51
नर्स- 250 29 221
टेक्नीशियन- 90 11 79
वार्डबॉय 40 16 24
क्लर्क- 40 2 38
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फोटो-24- मेडिकल कॉलेज का दृश्य। संवाद