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Auraiya News: जर्जर अस्पताल की बिल्डिंग, जोखिम के बीच हो रहा मवेशियों का उपचार

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सहार। कस्बा स्थित पशु चिकित्सालय की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। जान जोखिम में डालकर 52 साल पुरानी इस बिल्डिंग में मवेशियों का उपचार किया जा रहा है। पशु चिकित्सालय की छत गिरने की कगार पर है। चिकित्साधिकारी भी जर्जर बिल्डिंग को लेकर दहशत में हैं। लेकिन मजबूरी में जर्जर बिल्डिंग में ही अस्पताल संचालित हो रहा है।
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पशु चिकित्सा अधीक्षक सहार डॉ. ह्रदेश कुमार बताते हैं कि काम तो करना है। गांव का अस्पताल है। रोज बड़ी संख्या में पशुओं का इलाज कराने के लिए लोग आते हैं। बारिश का मौसम चल रहा है। बारिश होने पर छतों से पानी टपकने लगता है। स्टोर सहित पूरी बिल्डिंग जर्जर है। कई बार इसकी शिकायत विभाग के उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है। अड़गड़ा ( जानवरों को बांधकर इंजेक्शन लगाने का स्थान), बकरा शेड के साथ-साथ बिल्डिंग के जर्जर होने की शिकायत हो चुकी है। जबकि बिधूना, बांधमऊ, अछल्दा, इटैली, उमरैन, एरवाकटरा में काम हो चुका है। सहार के पशु अस्पताल की बिल्डिंग का कुछ नहीं हो पाया है। शनिवार को बारिश हो रही थी। स्टाफ के साथ अस्पताल में बैठे होने के दौरान अचानक छत से प्लास्टर टूटकर र नीचे आ गिरा। जिसके चलते उन्हें चोट भी आ गई। जान जोखिम में डालकर पशुओं का इलाज कर रहे है। वहीं इस बिल्डिंग का शिलान्यास 11 नवंबर जर्जर अस्पताल की बिल्डिंग में जोखिम के बीच हो रहा मवेशियों का उपचार

फोटो-03एयूआरपी 01- सहार स्थित पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय की जर्जर बिल्डिंग की छत का उखड़ा प्लास्टर। संवाद

फोटो-03एयूआरपी 02- छत की जर्जर हालत दिखाते पशु चिकित्साधिकारी। संवाद

- 52 साल पुरानी बिल्डिंग की छत से लेकर दीवारों में दरारें

- हादसा होने की संभावना, मजबूर हैं चिकित्सीय स्टाफ

संवाद न्यूज एजेंसी

सहार। कस्बे स्थित पशु चिकित्सालय की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। जान जोखिम में डालकर 52 साल पुरानी इस बिल्डिंग में मवेशियों का उपचार किया जा रहा है। पशु चिकित्सालय की छत गिरने की कगार पर है। चिकित्साधिकारी भी जर्जर बिल्डिंग को लेकर दहशत में हैं, लेकिन मजबूरी में जर्जर बिल्डिंग में ही अस्पताल संचालित हो रहा है।
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पशु चिकित्सा अधीक्षक सहार डॉ. ह्रदेश कुमार बताते हैं कि काम तो करना है। गांव का अस्पताल है। रोज बड़ी संख्या में पशुओं का इलाज कराने के लिए लोग आते हैं। बारिश होने पर छतों से पानी टपकने लगता है। स्टोर सहित पूरी बिल्डिंग जर्जर है। कई बार इसकी शिकायत विभाग के उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है। अड़गड़ा ( जानवरों को बांधकर इंजेक्शन लगाने का स्थान), बकरा शेड के साथ-साथ बिल्डिंग के जर्जर होने की शिकायत हो चुकी है जबकि बिधूना, बांधमऊ, अछल्दा, इटैली, उमरैन, एरवाकटरा में काम हो चुका है।

सहार के पशु अस्पताल की बिल्डिंग का कुछ नहीं हो पाया है। शनिवार को बारिश हो रही थी। स्टाफ के साथ अस्पताल में बैठे होने के दौरान अचानक छत से प्लास्टर टूट कर नीचे आ गिरा। इससे उन्हें चोट भी आ गईं। जान जोखिम में डालकर पशुओं का इलाज कर रहे है।

इस बिल्डिंग का शिलान्यास 11 नवंबर 1972 में हुआ था। उस समय इटावा जिला हुआ करता था। जिले के जिलाधिकारी एनएस अंसारी, सीता राम द्विवेदी पशुधन अधिकारी, सुरेश पचौरी पशु चिकित्सक सहार के समय इस बिल्डिंग का निर्माण हुआ था। 52 साल पुरानी बिल्डिंग की हालत जर्जर है। किसी भी दिन यहां बडा हादसा हो सकता है।



वर्जन



निदेशालय को छह माह पहले ही जर्जर इमारत को कंडम घोषित करने के बाद प्रस्ताव बनाकर भेजा था। उस पर कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद अभी हाल ही में चार दिन पहले रिमाइंडर भेजा है। बजट मिलते ही नई इमारत का निर्माण कराया जाएगा।
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- भगवान सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, औरैया
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