फोटो-22-उर्स में मौजूद अकीदतमंद। संवाद
फफूंद। कस्बे के आस्ताना आलिया समदिया पर चल रहे सूफी संत हजरत हाफिज-ए-बुखारी ख्वाजा अब्दुस्समद चिश्ती के उर्स में देर रात तक अकीदतमंदों का हुजूम रहा।
प्रदेश और अन्य राज्यों से आए मुरीदों ने दरगाह में हाजिरी देकर गागर चढ़ाकर फातिहा पढ़ा। फूलों की चादर पेश कर मन्नतें मांगी। बुधवार तीसरे दिन उर्स की शुरूआत सुबह नमाज के बाद कुरआन ख्वानी से हुई। इसके बाद मुरीदों के धार्मिक प्रश्नों के उत्तर देकर दीनी मार्गदर्शन किया गया।
साढ़े आठ बजे संदल शरीफ की महफिल और कुल शरीफ की फातिहा हुई। इसके बाद हुए जलसे में मदरसा जामिया समदिया के 34 छात्रों की दस्तार हुई। इनमें 21 हाफिज और 13 आलिम बने।
जलसे में अजमेर शरीफ से सैयद शकीब मियां भी शामिल हुए। इसके बाद कुल शरीफ की फातिहा में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। देर शाम मेहमानों को लंगर कराया गया। रात में कव्वाली की महफिल सजी। इस दौरान दरगाह परिसर में मेडिकल कैंप लगाया गया। डॉक्टरों ने निशुल्क उपचार व दवाएं दीं।