रेलवे भूमि पर अवैध रूप से बने मकान को न्यायालय के आदेश पर ढहाया गया। हालांकि पीड़ितों ने अधिकारियों से मोहलत मांगी तो रेलवे अधिकारियों ने मकान स्वयं तोड़ लेने को 20 दिनों का समय दे दिया।
चेतावनी दी कि 20 दिनों के अंदर मकान स्वयं न तोड़ने की दशा में बलपूर्वक तोड़ दिया जाएगा। इस दौरान रेलवे एवं दिबियापुर पुलिस मौजूद रही।
शनिवार अपरान्ह ढाई बजे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एईएन इटावा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके चंद्रवंशी, पीडब्ल्यूआई ज्ञान सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर महेश कुमार, आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार, आरपीएफ एसआई बब्लू सिंह, दिबियापुर थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह पुलिस और जेसीबी के साथ रेलवे लाइन किनारे स्थित केबिन की मड़ैया पहुंचे।
यहां पर ममता देवी पत्नी चंद्रमोहन का मकान जेसीबी के जरिए तुड़वाना प्रारंभ कर दिया।
रेल अधिकारियों के अनुसार ममता देवी समेत छह लोगों के मकान रेलवे की भूमि में बने थे। इनमें से चार लोगों दिलीप कुमार, राजकुमार शर्मा, सुमन देवी पत्नी रघुपाल सिंह, सुरेश यादव ने अपने अवैध कब्जे को स्वयं हटा लिया। वहीं श्याम सिंह ने छह दिन की मोहलत मांगते हुए स्वयं अपना कब्जा हटा लेने के लिए मोहलत मांगी है।
ममता देवी किसी भी सूरत में अपना कब्जा नहीं हटाना चाहती हैं। इसलिए जेसीबी के जरिए मकान तुड़वाना पड़ा। बाद में ममता देवी एवं परिजनों ने मिन्नतें कीं। इस पर रेल अधिकारियों ने मकान को स्वयं तोड़ने के लिए 20 दिनों की मोहलत दे दी।
अधिकारियों के अनुसार रेलवे एवं ममता देवी के बीच न्यायालय में मुकदमा चला। ममता देवी मुकदमा हार चुकी हैं। इस पर रेलवे द्वारा कब्जा हटाने को तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है। इधर, मकान गिराए जाते ही ममता देवी के परिवार की महिला सदस्य गश खाकर गिर पड़ी।
रेलवे के कर्मचारी ने ही किया था बैनामा - दिबियापुर ( औरैया )। ममता देवी का कहना है कि उन्होंने 1 मई 1991 को दलीप कुमार उर्फ दलीप सिंह दत्तक पुत्र भूपाल सिंह निवासी केबिन की मड़ैया से इस प्लाट का बैनामा कराया था। दलीप कुमार ने स्वयं को रेलवे में कर्मचारी बताते हुए यह जमीन अपनी बताई थी।
लगातार 24 वर्षों तक वे लोग काबिज हैं। इस बीच वर्ष 2012 में रेलवे द्वारा उन्हें नोटिस दिया। वर्ष 2013 से लगातार मुकदमा चल रहा है। पीड़िता का कहना है कि रेलवे एवं उच्चाधिकारी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करे। ताकि सही आरोपी को सजा मिल सके। कई अन्य बैनामे भी दलीप ने किए थे।