फोटो-11- सदर एसडीएम को ज्ञापन देते व्यापारी। स्रोत:कर्मी
औरैया। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संशोधनों की मांग तेज हो गई है।
ॉव्यापारिक संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि कर प्रणाली को अधिक सरल और व्यावहारिक बनाया जाए। इसे लेकर व्यापारियों ने शनिवार को एक ज्ञापन सदर एसडीएम अजय आनंद वर्मा को सौंपा।
व्यापारियों का कहना है कि नए बर्तनों पर पांच फीसदी जीएसटी है। जबकि पुराने बर्तनों पर 18 फीसदी जीएसटी दर लागू होना तर्कसंगत नहीं है। इस असमानता को समाप्त कर पुराने बर्तनों पर भी पांच फीसदी कर निर्धारित करने की मांग की गई। इसके अलावा ई-वे बिल और टैक्स जमा होने के बावजूद मामूली कागजी त्रुटियों पर वाहनों को रोककर भारी जुर्माना वसूलने की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई गई।
व्यापारियों ने कहा कि सचल दल द्वारा बाजारों और गोदामों में जांच करने के बजाय केवल हाईवे पर चेकिंग की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। ताकि छोटे और ग्रामीण व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके।
जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने और छोटी त्रुटियों पर दंडात्मक कार्रवाई न करने की भी अपील की गई। व्यापारियों ने ऑनलाइन व्यापार पर नियंत्रण लगाने की मांग रखी। ज्ञापन दिनों में वालों में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुधीर पुरवार, राजकुमार सक्सेना, गोपालजी दुबे, अजीत मिश्रा, कन्हैया पोरवाल, शीलू पोरवाल समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।