औरैया। नई दिल्ली से लेकर कानपुर, लखनऊ व पूर्वांचल तक जिले के लोगों के लिए ट्रेन व बसें मुफीद विकल्प है लेकिन बुंदेलखंड के लिए ये विकल्प नाकाफी नजर आते हैं। यहां सीधे ट्रेन नहीं है।
उधर रोडवेज की ओर से महज एक बस का ही इस रूट पर संचालन है। जोकि सुबह आठ बजे डिपो से रवाना हो जाती है। यही वजह है कि स्थानीय लोग झांसी के लिए बस चलाने की मांग कर रहे हैं।
रोडवेज डिपो में तकरीबन 70 बसों का संचालन विभिन्न रूटों पर किया जा रहा है। यहां झांसी के लिए महज एक सुबह आठ बजे औरैया रोडवेज डिपो से रवाना होती है। ऐसे में औरैया शहर को छोड़कर दिबियापुर, बिधूना, अजीतमल, अछल्दा, सहार व एरवाकटरा तक के लोगों का सुबह आठ बजे औरैया पहुंचना मुश्किल है।
सुबह-सुबह बुंदेलखंड तक जाने वाली इस बस के लिए जिले के अन्य कस्बों के लोगों का पहुंचना कठिन है। उधर ट्रेन से जाने के लिए लोगों को पहले कानपुर पहुंचना होगा। इसके बाद वहां से दूसरी ट्रेन से जाना होता है।
ऐसे में झांसी के लिए दिबियापुर बस अड्डे से बस संचालित करने के लिए व्यापारी मांग कर रहे हैं। डिपो के मुताबिक इस रूट पर पहले दो बसों का संचालन होता था। लेकिन घाटे के चलते महज एक बस ही इस रूट पर चलाई जा रही है। ऐसे में शहर को छोड़कर जिलेभर के अन्य कस्बों व गांवों के लोगों को झांसी जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
बोले व्यापारी-बस झांसी रूट पर चलाएं
दिबियापुर बस अड्डे से एक बस को झांसी रूट पर चलाना चाहिए। झांसी जाने के लिए परेशान होना पड़ता है। सुबह आठ बजे औरैया पहुंचना कठिन है।- आदर्श कुमार
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बुंदेलखंड क्षेत्र में ट्रेन और बस की कनेक्टिविटी नहीं हैं। दिबियापुर व बिधूना बस अड्डे से झांसी के लिए बस का संचालन होना चाहिए। तभी इस रूट पर राहत मिलेगी। व्यापार के सिलसिले में अक्सर झांसी जाना होता है।-अमन द्विवेदी
झांसी रूट पर रोडवेज डिपो से सुबह आठ बजे एक बस जाती है। अक्सर स्थानीय लोगों की मांग पर रूटों पर बस बढ़ाई जाती हैं। झांसी रूट का भी अवलोकन किया जाएगा।- अपर्णा मीनाक्षी, एआरएम औरैया रोडवेज डिपो