फफूंद। क्षेत्र के कई गांव के पशु खुरपका व अन्य रोगों की चपेट में हैं। 10 दिन के अंदर 10 से अधिक भैंस व बकरियों की मौत हो चुकी है। कई मवेशी बीमार हैं। शनिवार को गोपालपुर गांव में पशु चिकित्सा अधिकारी ने कैंप लगाकर दवा वितरित कीं। साथ ही पशु पालकों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
फफूंद क्षेत्र के फतेह सिंह का पुरवा, भाऊपुर, गोपालपुर, काजीपुर समेत कई गांव में खुरपका रोग फैला हुआ है। सबसे ज्यादा बीमारी का प्रभाव काजीपुर गांव में देखने को मिल रहा है। यहां पर खुरपका, गर्दन, पीठ का घाव व अन्य रोग की चपेट में आने से पशु पालक शैलेंद्र बाबू की एक भैंस, एक बकरी, भूरे की एक बकरी, एक पड़िया, राजा बाबू की एक भैंस, इंद्रपाल, हैप्पी व गिरजा शंकर की चार बकरियों समेत गांव में एक दर्जन से ज्यादा पशुओं की मौत हो चुकी है।
वहीं, गांव के कल्लू की गाय, एक भैंस, बादशाह की एक भैंस, एक पड़िया, हरी नरायन की दो भैंस, संजय प्रताप की तीन भैंस समेत कई पशु रोग की चपेट में हैं। पशु पालकों ने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी को गांव के पशुओं में बीमारी फैलने की सूचना कई बार दी। शनिवार को गोपालपुर में पशु चिकित्सा अधिकारी ने कैंप लगाकर दवा वितरित कीं।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ब्रज भूषण सिंह ने बताया की यह खुरपका रोग नहीं फैला है, लेकिन लक्षण जरूर मिलते-जुलते हैं। पशुओं की मृत्यु की जानकारी नहीं है। जहां रोग की सूचना मिलती है, वहां स्वयं कैंप लगाकर इलाज कर रहे हैं।