मौसम की प्रतिकूूलता के चलते गेहूं उत्पादन में गिरावट के अंदेशे को लेकर सरकार भी गंभीर दिखाई दे रही है। रबी सीजन 2015-16 में फसलों का उत्पादन दर को आंकने के लिए शासन की ओर से क्राप कटिंग कराए जाने के निर्देश जारी किए गए है। शासकीय निर्देश के अनुपालन को जिले में बुधवार से क्राप कटिंग कराए जाने की तैयारी की गई है।
फसलों का उत्पादन आंकने के लिए जिले में दो चरण तय किए गए है। एक चरण की कमान कृषि विभाग को तो दूसरे चरण की जिम्मेदारी कृषि विज्ञान केंद्र को सौंपी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र ने विषय वस्तु विशेषज्ञ व सहायक जिला अर्थ संख्या अधिकारी को क्राप कटिंग कर उत्पादन आंकने की जिम्मेंदारी सौंपी है। केेवीके की ओर से क्राप कटिंग बुधवार से कराना तय किया गया है।
शुक्रवार तक होने वाली क्राप कटिंग के लिए केंद्र की ओर से गांव का चयन भी कर लिया गया है। गेहूं फसल की उत्पादकता परखने के लिए केंद्र ने गेहूं प्रजाति एचडी 3059 के आंकलन के लिए ग्राम परवाहा, एचडी 2186 के लिए मुढ़ी खोयला, एचडी 2967 के लिए अटा, एचडी 2968 व 2186 के लिए अछल्दा, रूरुगंज व कुटरकोट गांवों में क्राप कटिंग कराया जाना तय किया है। गेहूं प्रजाति 11213 फसल की क्राप कटिंग के लिए भाग्यनगर गांव के बिंदपुर गांव का चयन किया गया है। वहीं चना के लिए सहार ब्लाक के घसा का पुर्वा, सरसों के लिए अछल्दा ब्लाक के भारामल, जई के लिए भाग्यनगर के तिलकपुर तथा बरसीन के लिए सहार ब्लाक के बहादुरपुर गांव में कृषि विज्ञान केंद्र क्राप कटिंग कराएगा।
ऐसे होगी क्राप कटिंग
औरैया। चयनित गांव में टीम एक एकड़ में दो वर्ग मीटर के अलग-अलग फसलो का स्थान निर्धारित करेगी। कुल उपज में पांच फीसदी की मेड़ बंदी नाली आदि के कारण कटौती की जाएगी। टीम की ओर से बेहतर उत्पादक और खराब फसल की क्राप कटिंग कराकर उत्पादन आंकने की तैयारी की गई है।
क्राप कटिंग के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। टीम गांव की ओर सुबह दस बजे रवाना होगी। तीन दिनों तक क्राप कटिंग कराई जाएगी। बाद इसके रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उत्पादन रिपोर्ट के आधार पर किसानों का प्रतिकर का निर्धारण होगा।
डा. संदीप कुमार
शस्य विज्ञान विशेषज्ञ
केबीके परवाहा