बिधूना (औरैया)। रक्षाबंधन के पर्व और तीसरे साधु की मौत की खबर को सुनकर रविवार को पुलिस प्रशासन ने बीबीपुर और कुदरकोट गांव में तगड़ा पहरा बैठा दिया। जब तक तीसरे साधु को समाधि नहीं दे दी गई तब तक अधिकारी मौके से हिले नहीं। इस दौरान रक्षाबंधन पर भाई की मौत से साधु की बहन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पत्नी और बच्चे भी बेहाल से दिखाई पड़े। साधु के पैतृक गांव में मातम पसरा रहा।
रविवार को सुबह आठ बजे सैफई अस्पताल से साधु रामशरण की मौत की खबर आते ही उनके पैतृक गांव बीबीपुर में सन्नाटा छा गया। रक्षाबंधन के पर्व और साधु की मौत की खबर को सुनकर अधिकारी भी गांव पहुंच गए। जिले भर के थानों का पुलिस फोर्स मंगा लिया गया। कुदरकोट और बाबा के पैतृक गांव बीबीपुर में एक-एक गली में पुलिस का पहरा रहा। एसडीएम और सीओ बराबर निगाह बनाए रहे। बाद में शाम पांच बजे बाबा को बीबीपुर गांव स्थित खेतों पर समाधि दी गई। शव यात्रा के दौरान रामशरण की पत्नी धनदेवी और बहन लौंगश्री का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोपहर बाद जब शव पैतृक गांव पुलिस सुरक्षा के बीच पहुंचा तो सभी की आंखें नम हो गईं। रक्षाबंधन के दिन भाई की मौत होने पर बहन लौंगश्री का करुण क्रंदन किसी से देखा नहीं जा रहा था। साधु रामशरण के तीन पुत्र और एक पुत्री भी मौके पर मौजूद रहे।