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अपहृत युवक को छुड़ाया, दो गिरफ्तार

Tue, 16 Feb 2016 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
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कोतवाली क्षेत्र के हाइवे रोड ग्राम जनेतपुर से अपहृत होटल संचालक के पुत्र को पुलिस ने छुड़ा लिया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक बाइक बरामद की है। अपहर्ताओं ने युवक के परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। एसपी ने पुलिस टीम को 2500 रुपये से पुरस्कृत किया है।
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कोतवाली में एसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि विगत 9 फरवरी को गांव के बाहर से मुनेश कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी जनेतपुर का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज की थी। युवक का अपहरण होने के बाद अपहरणकर्ता फिरौती में एक करोड़ रुपये की मांग की। इसकी सूचना अपहृत युवक के पिता ने पुलिस को दी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव व सीओ सिटी सुभाष अत्री के नेतृत्व में दिबियापुर थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा व अजीतमल कोतवाली प्रभारी अजय पाठक को लगाया गया।

 मंगलवार सुबह पुलिस टीमों ने मुखबिर की सूचना पर अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम घसारा में छापा मारा। लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। दोबारा सूचना मिलने पर पुलिस ने जंगल की घेराबंदी की। पुलिस को आते देख अपहरणकर्ता भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर अरविंद पुत्र मथुरा प्रसाद और मथुरा प्रसाद पुत्र चंद्रीपाल निवासी घसारा थाना अछल्दा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अपहृत युवक मुनेश कुमार को बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सीडी डीलक्स बाइक भी बरामद की है। एसपी ने पुलिस टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को 2500 रुपये से पुरस्कृत किया है।
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अरविंद को विरासत में मिला अपराध
औरैया। घसारा निवासी अपहरण के आरोपी अरविंद को विरासत में अपने पिता से अपराध का कारोबार मिला। उसका पिता मथुरा प्रसाद भी अपराधी प्रवृत्ति का रहा है। मथुरा प्रसाद छोटी-मोटी वारदातों को अंजाम देकर काम चलाता था। लेकिन रुपये की चाहत में मथुरा प्रसाद ने बेटे अरविंद और नाती अभिषेक बघेल के साथ गैंग बना लिया। मथुरा प्रसाद ने नाती अभिषेक को गैंग का लीडर बना दिया। ताजपोशी होतेे ही अभिषेक ने बड़ा हाथ मारने के लिए गांव जनेतपुर निवासी मुनेश कुमार अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद अभिषेक ने परिजनों से एक  करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। जब इतने में परिजन तैयार नहीं हुए तो अपहरणकर्ता 50 लाख रुपये की मांग करने लगे। मोलभाव करते-करते वह 3.50 लाख रुपये तक आ गए। बार-बार मोबाइल पर हुई बात ने पुलिस का काम और आसान कर दिया। फिर पुलिस ने घसारा गांव के जंगल में घेराबंदी करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पहला ही प्लान हो गया फ्लाप
मुनेश का अपहरण गैंग का पहला कारनामा था। अभिषेक ने अपने गैंग के साथ मुनेश का अपहरण तो कर लिया लेकिन फिरौती की मांग को लेकर वह फंस गए। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहले से ही जाल बिछा रखा था, लेकिन आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन व मुखबिर की सटीक सूचना ने अभिषेक के कारनामे का खुलासा कर दिया।

दो अपहरण के मामले बने चुनौती
औरैया। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जनेतपुर के अपहृत युवक को छुड़ाकर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन पुलिस के सामने अपहरण के दो मामले चुनौती बने हैं। विगत 28 नवबंर 2015 को 12 वर्षीय छात्र मयंक तिवारी पुत्र सुशील कुमार तिवारी का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर इतिश्री कर ली। मयंक के पिता न्याय के लिए आज तक इधर-उधर भटक रहे हैं। वहीं बीती छह फरवरी को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम समरथपुर से शंकर सिंह तोमर के 23 वर्षीय पुत्र गौरव सिंह का अपहरण कर लिया गया था।

पुलिस ने इस मामले में भी गुमशुदगी दर्ज की। जब 13 फरवरी को परिजनों से 50 लाख रुपये फिरौती मांगी गई तो कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई। लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। दोनों मामलों मेें एएसपी विपुल कुमार का कहना है कि अपहृत छात्र और युवक की तलाश जारी है। कुछ पुख्ता सुबूत हाथ लगे हैं। उनके आधार पर काम किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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