औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में शनिवार को गेल मेें काम कर रही एक कंपनी के केमिकल इंजीनियर और कार में साथ बैठे एक अन्य एनजीओ के मालिक का बीच रास्ते से कुछ लोगों ने कार समेत अपहरण कर लिया। इंजीनियर ने यूपी 100 पुलिस को फोन से सूचना दी। सूचना मिलते ही पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट करते हुए नाकेबंदी कर दी गई और पुलिस ने कार को उसके मालिक समेत ढूंढ निकाला। अपहरण करने वालों की ओर से लिखित रूप से माफीनामा देने के बाद दोनों पक्षों का आपसी समझौता हो गया। पीड़ित की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया। उधर, प्रकरण के संबंध में थाना पुलिस अपहरण के इस मामले की जानकारी न होने की बात कहकर दोनों पक्षों के बीच आपसी विवाद बताकर पल्ला झाड़ती रही।
शनिवार को दोपहर लगभग 12 बजे इंजीनियर कार से गेल जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ कार में एक एनजीओ के संचालक भी मौजूद थे। कार औरैया रोड पर पहुंची ही थी कि तभी कुछ लेागों ने उनकी कार रोकी और कार सहित उनका अपहरण कर लिया। इस बीच मौका पाकर इंजीनियर ने किसी तरह यूपी 100 पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। अपहरण होने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला आते ही तुरंत चारों तरफ नाकेबंदी कर दी गई। इसके साथ ही पुलिस की गाड़ियां औरैया रोड पर दौड़ पड़ीं। थोड़ी ही देर में अपहरण कर ले जाई जा रही कार को अपहरणकर्ताओं समेत पुलिस ने दबोच लिया। बाद में पुलिसकर्मी अपहर्ता व अपहरणकर्ताओं को लेकर दिबियापुर थाना पहुंचे।
जहां कई घंटे बंद कमरे में चली बातचीत के बाद अपहरण करने वालों की ओर से लिखित माफी मांगने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इसके चलते पीड़ितों की ओर से थाना पुलिस में कोई भी मामला दर्ज नहीं कराया गया। उधर अपहरण की घटना के संबंध में जब थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह से पूछा तो उन्होंने अपहरण की बात से इंकार करते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी विवाद का मामला है। हालांकि दोनों में समझौता हो गया है। साथ ही किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर न दिए जाने से मामला दर्ज नहीं किया गया है।
-पुलिस ने एक घंटे में अपहरणकर्ताओं समेत दोनों को ढूंढ निकाला
-कई घंटे की बातचीत में लिखित माफीनामा के बाद हुआ समझौता
अमर उजाला ब्यूरो