उरई। ट्रेन में बम की अफवाह पर स्टेशन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में आरपीएफ व जीआरपी ने ट्रेन की बोगी को खंगाला, लेकिन तलाशी में बोगी में कुछ नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
यशवंतपुर से चलकर गोरखपुर की ओर जाने वाली 15024 ट्रेन के स्टेशन रविवार शाम लगभग छह बजे स्टेशन पर आई। ट्रेन के आते ही जरनल बोगी बम की अफवाह से हड़कंप मच गया। आनन फानन में यात्रियों ने इसकी सूचना टीटी को दी। टीटी ने स्थिति को देखते हुए स्टेशन मास्टर को बम होने की सूचना दी।
स्टेशन मास्टर ने तत्काल सूचना आरपीएफ थाना प्रभारी एके यादव व जीआरपी थाना प्रभारी ब्रजमोहन सैनी को दी। दोनों थानों के सुरक्षा जवान टीटी की बताई जनरल वोगी में पहुंचे। वहां पहुंचने पर पता चला कि गोरखपुर जाने वाले यात्री इंद्रजीत व चंद्रेश ने शौचालय की ट्यूबलाइट का तार काटकर चार्जिंग अपने मोबाइल चार्जिंग में लगा दिए थे और इंद्रजीत ने टेप से मोबाइल को बोगी की दीवार में चिपका दिया था।
मोबाइल बगैर किसी की सहायता से लटकता देख व मोबाइल चार्जिंग की लाल लाइट जलती देखकर किसी ने टीटी को बम की सूचना दे दी। बम की सूचना गलत मिलने पर आरपीएफ व जीआरपी ने राहत की सांस ली। आरपीएफ ने इंद्रेश व चंद्रेश को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान ट्रेन लगभग पंद्रह मिनट तक खड़ी रही।
पंद्रह मिनट तक रुकी रही यशवंतपुर-गोरखपुर ट्रेन
जांच के बाद ही ट्रेन को किया गया रवाना
अमर उजाला ब्यूरो