क्षेत्र के गांव बड़ैरा के जंगलों में शनिवार शाम आग लग गई थी। रात भर पूरा जंगल धू धू कर जलता रहा। रविवार सुबह गांव के किनारे तक पहुंच गई तो ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई है। रास्ता न मिलने से फायरब्रिगेड गाड़ी नहीं पहुंच पाई जिसके कारण 24 घंटे बाद भी जंगल में आग जल रही है। रविवार को बड़ैरा के बीहड़ी क्षेत्र में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। यमुना के किनारे बीहड़ों से गुजरती हुई आग सिकरोड़ी गांव तक पहुंच गई। जंगल में लगी आग गांव तक पहुंचने पर ग्रामीण भयभीत हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस और फायरब्रिगेड को सूचना दी। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल की गाड़ियों को जंगल के अंदर तक जाने का रास्ता ही नहीं मिल सका। इससे वे लोग गांव के किनारे ही मशक्कत करते रहे। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जंगल में लगी आग नहीं बुझ पाई। ग्रामीण संजीव सिंह, राममनोहर, बृजभूषण आदि ने बताया आग से उसकी जमीन पर खड़े लाखों रुपये की विलायती बबूल की लकड़ी जलकर राख हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को ही दमकल विभाग आग बुझाने की मशक्कत करते तो आग पर काबू पाया जा सकता था।
कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आग की सूचना पर दमकल विभाग और पुलिस दोनों पल पल की नजर रखे हुए हैं। वन क्षेत्राधिकार सुनील गुप्ता ने बताया कि हमारे कर्मचारी आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। वन विभाग की करीब दो हेक्टेयर भूमि में खड़ी डाब घास में आग लगी हुई है।