औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र मेें रोडवेज डिपो के पास स्थित इटावा जिला सहकारी बैंक के सामने शनिवार को सुबह एक सवारी को बेहोशी की हालत में रोडवेज बस कर्मियों ने उतारकर लिटा दिया और बस लेकर चले गए। युवक के बेहोशी की हालत में पड़े होने की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच युवक की जेब में पड़े मोबाइल पर घंटी बजी। लोगों ने फोन को रिसीव किया तो पता चला कि युवक फरीदाबाद से अपने बीमार बच्चे को देखने जालौन जा रहा था। उसके पास दस हजार रुपये भी थ, जो जेब में नहीं मिले। जानकारी मिलते ही जालौन से परिजन उसे लेने को औरैया पहुंचे और युवक को साथ ले गए।
जालौन जिले के ग्राम ओरेखी निवासी राजकुमार पुत्र हरकिशुन फरीदाबाद में कुल्फी बेचकर गुजारा करता है। शुक्रवार की रात वह एक बैग लेकर किसी रोडवेज डिपो की बस से जालौन जाने के लिए औरैया के लिए निकला था। शनिवार की सुबह वह इटावा सहकारी बैंक के सामने प्रदीप पुरवार की लोहे की दुकान के बाहर बेहोशी की हालत में लेटा मिला। इसी बीच युवक को बेहोश देख लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। जेब में पड़े मोबाइल पर किसी का फोन आया तो लोगों ने रिसीव कर बात की। जिस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम भी राजकुमार बताया। इस पर उसे जानकारी दी गई कि जिस व्यक्ति को फोन किया है वह बेहोशी की हालत में है। तभी फोन करने वाले युवक राजकुमार ने बताया कि वह उसके रिश्तेदारी में चाचा लगते हैं।
यह फरीदाबाद में कुल्फी बेचने का काम करते हैं। इनके बच्चे की तबियत खराब हो गई है। इस कारण से वह जालौन जिले के ग्राम ओरेखी जाने के लिए रोडवेज बस से निकले थे। बताया कि फरीदाबाद से चलते समय चाचा राजकुमार 10 हजार रुपये लेकर निकले थे। लगभग एक घंटे के बाद जब राजकुमार को कुछ होश आया तो उसने बताया कि फरीदाबाद से चलने के बाद रास्ते में जहां किसी होटल पर सभी बसें रुकती हैं वहीं उसके साथ बैठे एक युवक ने उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई थी। इसके बाद से उसे कुछ भी याद नहीं। बाद में भतीजे राजकुमार ने फोन से ग्राम ओरेखी फोन कर परिजनों को जानकारी दी। जिस पर दोपहर में पहुंचे परिजन उसे अपने साथ लिवा ले गए।