अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। ककोर स्थित कलक्ट्रेट में भूलेख लिपिक का काम देख रहे लेखपाल के खिलाफ चार राजस्व निरीक्षकों के वेतन का गबन करने का मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में राजस्व निरीक्षकों की शिकायत पर डीएम की ओर से कराई गई जांच में मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई। भू-लेख लिपिक ने इनके वेतन को अपने खाते में डाल लिया था।
कलक्ट्रेट में औरैया में भूलेख अनुभाग में तैनात अमित श्रीवास्तव कलक्ट्रेट में भूलेख लिपिक के काम की भी जिम्मेदारी दी गई थी। इनकी पोस्टिंग मुख्य रुप से तहसील बिधूना में है। अमित भू-लेख से संबंधित राजस्व निरीक्षकों के वेतन बिल का भी काम देखते हैं। तहसील औरैया, बिधूना व अजीतमल के कुछ राजस्व निरीक्षकों का वेतन समय से न मिलने पर उन्होंने डीएम से इसकी शिकायत की। जिस पर डीएम के निर्देश पर आहरण वितरण अधिकारी से इसकी जांच कराई गई। जिसमें चार राजस्व निरीक्षकों के वेतन गबन का मामला सामने आया। डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि भू-लेख लिपिक अमित कुमार ने बिधूना तहसील के राजस्व निरीक्षक रामसजन व औरैया तहसील के राजस्व निरीक्षक सत्यनरायन का सितंबर, अक्टूबर, नवंबर व दिसंबर 2017 का व अजीतमल तहसील के राजस्व निरीक्षक दयाराम का व प्रताप सिंह सहित छह लाख 24 हजार 436 रुपये वेतन से निकालकर 20 जनवरी को अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में डाल दिए। साथ ही उक्त धनराशि का विभिन्न खातों में भी हस्तांतरित कर दिया। इस मामले में एसडीएम अजीतमल ने बताया कि इसके अलावा इस धनरशि से कई बार खरीददारी भी की गई है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट सामने आने पर संबंधित भू-लेख लिपिक के खिलाफ दिबियापुर थाने में धोखाधड़ी किए जाने की एफआईआर दर्ज करा दी गई है। उन्होंने बताया कि डीएम की ओर से उक्त भूलेख लिपिक के खिलाफ संबद्धीकरण की कार्रवाई करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के भी आदेश दे दिए गए हैं।
- वेतन गबन में भूलेख लिपिक पर एफआईआर
-दो राजस्व निरीक्षकों का चार-चार माह का व दो का एक-एक माह का वेतन अपने खाते में डाल लिया था
-वेतन न मिलने पर राजस्व निरीक्षकों ने डीएम को दिया प्रार्थना पत्र