औरैया। अपर जिला न्यायाधीश राजेश चौधरी ने दो वर्ष पूर्व एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने व उससे दुष्कर्म करने के दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास तथा 46 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन के अनुसार, एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने थाना बेला में रिपोर्ट लिखाई कि 11 अप्रैल 2017 की रात करीब एक बजे उसकी 16 वर्षीय पुत्री को दीपक तिवारी फुसलाकर ले गया। जब वह मिली तो पता चला कि आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म किया था। धारा 363, 366 व 376 आईपीसी व पाक्सो एक्ट में पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) राजेश चौधरी की कोर्ट में चला।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) जितेंद्र सिंह तोमर व उनके सहयोगी एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम ने नाबालिग को ले जाने व उससे बलात्कार को गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए कठोर दंड देने की बहस की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद एडीजे राजेश चौधरी ने दीपक तिवारी उर्फ आशुतोष पुत्र प्रेम नारायन निवासी बांधमऊ थाना बेला को दस वर्ष के कठोर कारावास व 46 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अधिरोपित अर्थदंड की धनराशि में से 50 प्रतिशत बतौर प्रतिकर पीड़िता को प्रदान करने का आदेश दिया है। दीपक को जिला कारागार भेज दिया गया है।