इटावा में दावत खाने आए मैनपुरी के युवक ने अपने बाबा के फंड को हड़पने के लिए तीन दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण का नाटक रचा। पांच लाख की फिरौती मांगे जाने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने गुरुवार देर रात युवक और उसके तीनों दोस्तों को शिकोहाबाद स्टेशन के पास से दबोचकर मामले का पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का इनाम दिया है।
शुक्रवार को पुलिस लाइन के सभागार में एसपी सिटी रामयश सिंह ने बताया कि मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के पावर हाउस रोड निवासी अभिषेक कश्यप पुत्र पंकज कुमार 21 मई को अपने रिश्तेदार सती मोहल्ला निवासी दामोदर बाथम के यहां दावत में आया था। उसके साथ उसे दोस्त ही आए थे। दावत में शामिल होने के बाद वह चला गया। उसके बाद उसने अपने अपहरण का नाटक रच कर अपने दोस्तों के मोबाइल से अपने बाबा झम्मन लाल को फोन किया। साथ ही उसे छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की।
अपहरण की जानकारी मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग मैनपुरी पुलिस से मिले तो उन्होंने घटना इटावा की बताकर वहां भेज दिया। एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा की जानकारी में मामला आने के बाद उन्होंने पंकज के रिश्तेदार दामोदर बाथम की तहरीर पर मामला दर्ज किया। मामले के खुलासे के लिए कोतवाल प्रमोद कुमार शुक्ला के अलावा क्राइम ब्रांच प्रभारी सतेंद्र यादव व उनकी टीम को लगाया। पंकज के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने चारों को शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया। पकडे़ गए लोगों में अभिषेक के अलावा बॉबी कश्यप पुत्र राधेश्याम निवासी पावर हाउस रोड, मैनपुरी, रितिक पुत्र संजय सिंह निवासी लखानी मीन स्टेशन रोड, मैनपुरी व पवन चौहान पुत्र जसवंत सिंह निवासी शीतलपुर, मैनपुरी शामिल है।
पुलिस की पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि अभिषेक के बाबा झम्मन लाल बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें फंड का काफी पैसा मिला है। उसमें से पांच लाख रुपये हड़पने के लिए अभिषेक ने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण का नाटक रचा। पुलिस ने उनके पास से फिरौती मांगने में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल भी बरामद किए हैं।
एसएसपी ने आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने पकड़े गए चारों युवकों को आवश्यक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया। प्रेस वार्ता में एसपी क्राइम महेश अत्री, सीओ सिटी वैभव पांडे भी मौजूद रहे।
एसपी सिटी ने बताया कि पकडे़ गए अभिषेक उसके दोस्तों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उन लोगों ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर अपने बाबा से फिरौती के नाम पर रुपये वसूलने का नाटक रचा। उसी के हिसाब से बाबा को फोन कर फिरौती मांग रहे थे। उन्हें भरोसा था कि बाबा उसे छुड़ाने के लिए रुपये दे देंगे। लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी। पुलिस ने पकड़ कर उनकी साजिश को विफल कर दिया।