औरैया। साइकिल चोरी व मारपीट के मामले में एक आरोपी 45 माह जेल में रहा। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उसकी जेल में बिताई अवधि को सजा मानते हुए रिहाकर मुकदमे का निस्तारण कर दिया।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि रमनगरा, अछल्दा निवासी रघुनंदन सिंह ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह 23 जनवरी 2007 को घर पर थे, तभी तीन लोग मकान के छप्पर के नीचे खड़ी उनकी साइकिल ले जाने लगे। विरोध करने पर उनके सिर पर लाठी मारकर घायल कर दिया था। शोर सुनकर पड़ोसी आए और निन्हीलाल, मौजीलाल, सियाराम निवासी रमनगरा को मारपीट कर साइकिल समेत पुलिस को सौंप दिया था। यह मामला विशेष न्यायाधीश राजेश चौधरी की कोर्ट में चला। एक आरोपी निन्हीलाल की मृत्यु सात मार्च 2013 को हो गई। वहीं दूसरे आरोपी मौजीलाल ने जुर्म इकबाल कर 15 जुलाई 1014 को जेल में बिताई गई अवधि डेढ़ वर्ष की सजा पाकर रिहाई पा ली।
आरोपी सियाराम पर यह मुकदमा चलता रहा। जिसका निस्तारण बुधवार को एडीजे राजेश चौधरी की कोर्ट से हुआ। बचाव पक्ष की दलील थी कि वह निर्धन व्यक्ति है। मुकदमे के अतिरिक्त वह किसी अन्य प्रकरण में नामित नहीं है। वह 45 माह से निरुद्ध है। कारागार में बिताई गई अवधि को दृष्टिगत रखते रिहा किया जाए। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त सियाराम को जेल में बिताई गई अवधि 45 माह के साधारण कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। इस निर्णय के बाद से 45 माह की कैद काट रहे आरोपी की रिहाई की गई।