फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैश डिपाजिट मशीन में फंसे मजदूर सवा लाख

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव ताल्हेपुर निवासी पीड़ित मजदूर के सवा लाख रुपये पंजाब नेशनल बैंक की कैश डिपाजिट मशीन में फंस गए। बैंक मैनेजर से शिकायत की तो उन्होंने टरका दिया। ऐसे में पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
विज्ञापन

गांव ताल्हेपुर निवासी दीपू पुत्र राधेश्याम ने बताया कि उसने अपने चार बीघा खेत बेचे थे। जिसके एवज में मिली धनराशि को उसने गुरुवार 20 अगस्त को अपनी पत्नी भूरी के खाते में एक लाख 28 हजार रुपये कैश डिपाजिट मशीन से जमा किए। साथ ही 98 हजार रुपये दूसरे खाते में डाले। लेकिन उक्त धनराशि किसी के भी खाते में नहीं पहुंची। पीड़ित दीपू ने बताया कि जब उसने अपनी समस्या को बैंक मैनेजर को बताई तो बैंक मैनेजर ने शाम चार बजे बुलाया।
इसके बाद कैश डिपाजिट मशीन खोलकर जांच की तो उसमें से 98 हजार रुपये अतिरिक्त मिलने पर उसे वापस कर दिए गए। जबकि एक लाख 28 हजार रुपये न मिलने की बात कहकर चलता कर दिया। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र दिया। शिकायत मिलने पर कोतवाली एसआई सुरेंद्र कुमार ने पंजाब नेशनल बैंक पहुंचकर मैनेजर व अन्य बैंक कर्मियों से बात की। जिस पर बैंक कर्मियों ने सोमवार तक का समया मांगा है।
विज्ञापन

उधर, बैंक मैनेजर एसपी तोमर ने बताया कि उन्होंने अभी-अभी चार्ज लिया है। इस मामले की जानकारी हैं। डिपाजिट मशीन में चेक करने के दौरान 98 हजार रुपये असितरिक्त निकला। जिसको तत्काल पीड़ित उपभोक्ता को वापस कर दिया गया। साथ ही एक लाख 28 हजार के संबंध में उन्होंने उच्चाधिकारियों को ई-मेल से शिकायत दर्ज कराई है। जिससे मशीन को पूरी तरह से खोलकर देखा जा सके। जिसका जबाव आने में लगभग 15 दिन का समय लगता है। इसके बाद ही वह कुछ बता पाएंगे। कहा कि डिपाजिट मशीन में सीक्रेट कैमरा लगा होता है। यदि उपभोक्ता ने रुपया जमा किया होगा तो उसका रिकार्ड उसमें निश्चित रुप से दर्ज होगा। इसके लिए इंजीनियर को बुलाया जाएगा। मेल का जवाब आने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें