दिबियापुर (औरैया)। ककराही बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षिकाओं की पिटाई से घायल तीन बच्चों का शुक्रवार को भी घर में इलाज चलता रहा। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे अभी भी दर्द से कराह रहे हैं।
ककराही बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा दो के छात्र अभिषेक और कक्षा एक के छात्र रोहित व छात्रा लक्ष्मी को स्कूल में शिक्षिकाओं ने गुरुवार को पीट दिया था। इस मामले में अभिषेक की मां और रोहित के पिता मनोज ने दिबियापुर थाने में शिक्षिकाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लक्ष्मी के परिजनों ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद तीनों घायल बच्चों का दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया था। अभिषेक के पिता अखिलेश का कहना है कि अब बच्चे का प्राइवेट चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं। जबकि रोहित के पिता मनोज का कहना है कि रोहित के पैर में चोट होने के कारण ठीक से चल नहीं पा रहा है।
बीएसए औरैया एसपी सिंह का कहना है कि स्कूल में शिक्षक बच्चों को किसी प्रकार का शारीरिक दंड नहीं दे सकते। इसके लिए बाकायदा निर्देश जारी किए गए हैं। ककराही बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में गुरुवार को तीन बच्चों को कापी न लाने और पहाड़ा न सुना पाने पर शिक्षिकाओं ने पीट दिया था। इस पर अभिभावकों ने गुस्सा जताया था। मामले में शिक्षिकाओं एवं प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी।
इधर, बीएसए एसपी सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। अभी तक छात्रों और छात्रा के परिजनों ने लिखित शिकायत नहीं की है। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल में शारीरिक दंड देने पर पूरी तरह से मनाही है। इसके लिए बाकायदा गाइड लाइन और प्रोटोकाल भी है। सरकारी स्कूलों में इसकी निगरानी की जाती है। हालांकि निजी स्कूलों के बारे में इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है।