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शिक्षक मामा की मृत्यु के बाद सगे भांजे ने ही धोखाधड़ी करके बैंक खाते से पार किए थे 6 लाख रुपये

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दिबियापुर (औरैया)। तीन साल पहले सेवानिवृत्त शिक्षक की मृत्यु के बाद बैंक खाते से उसके सगे भांजे ने ही बैंक खाते में लगी मोबाइल सिम चोरी करके खाते से छह लाख रुपये पार कर दिए थे। पुलिस ने 3 वर्ष 10 माह बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने रिश्तेदारों के खातों से हेरफेर करके लगभग 19 लाख रुपये निकाले। हालांकि एक खाताधारक की सतर्कता से 10 लाख रुपये बच गए थे। लंबे समय से मामले का खुलासा न होने के कारण आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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सीओ औरैया सुरेंद्र नाथ सिंह ने दिबियापुर थाने में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि 23 जनवरी 2016 को सोनावती पत्नी स्व. कौशल किशोर निवासी मंडी समिति के सामने सहायल रोड दिबियापुर औरैया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि उसके पति 30 जून 2015 को सेवानिवृत्त हुए थे। चार माह बाद उनकी मौत हो गई थी। मृत्यु के पश्चात वेतन व सेवानिवृत्त धनराशि के उनके स्टेट बैंक एनटीपीसी के बैंक खाते में आई थी। पीड़िता पासबुक चढ़वाने गई तो पता चला कि उनके पति के खाते से 5 दिसंबर 2015 एवं 18 जनवरी 2016 के बीच छह लाख रुपये किसी ने धोखाधड़ी करके निकाल लिए हैं।
क्राइम ब्रांच के प्रभारी ललित कुमार ने रविवार को घटना का खुलासा किया। इस घटना में सेवानिवृत्त शिक्षक का सगे भांजे उत्तम पाल उर्फ पिंटू पुत्र राधेश्याम पाल निवासी ग्राम बूचा का पुर्वा थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात को कंचौसी से औरैया जाने वाली सड़क पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 11 एटीएम कार्ड, 4 पेनकार्ड, 4 ड्राइविंग लाइसेंस, 4 आधार कार्ड, 2 वोटर कार्ड, 7 चेक बुकें, 52 रेलवे टिकट, 1 हार्ड डिस्क बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी नेटबैकिंग के जरिए एसएमएस करके लोगों के खाते से रुपये निकाल लेता था और आनलाइन शापिंग करता था। पुलिस के मुताबिक साइबर सेल एवं सर्विलांस सेल की भी मदद लेने पर पता चला कि आनलाइन ठगी के मामले में आरोपी एक ईमेल आईडी का इस्तेमाल करता था। इस ईमेल आईडी में लिंक किया गया मोबाइल नंबर आरोपी उत्तम पाल का निकला। जबकि दूसरा मोबाइल नंबर उत्तम पाल की पत्नी का निकला। इसके बाद उत्तम पाल को पकड़ लिया गया।
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पकड़े गए उत्तम पाल ने कंप्यूटर की सिस्को सर्टीफिकेट नेटवर्क एसोशिएट (सीसीएनए) की डिग्री एप्रोन इन्स्टीट्यूट से ली थी। वह कंप्यूटर एवं आनलाइन सिस्टम की विशेष जानकारी रखता है। कानपुर में लंबे समय से कंप्यूटर इन्स्टीट्यूट चलाकर युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण भी देता है। उत्तम पाल ने बताया कि उसने एक मोबाइल एप गुरु स्थलम भी तैयार किया है। इसके माध्यम से युवाओं को घर में बैठकर पढ़ा सकता था। लेकिन एप लांच होने से पहले ही वह पकड़ा गया।
दिबियापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपी उत्तम पाल बेहद चालाकी से अपने नजदीक की बैंक में लगी मोबाइल सिम पार कर देता था। बाद में बैंक का रुपया दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर कर निकाल लेता था। लखनऊ में एक कंपनी में काम करने वाले साथी विमल कुमार की मोबाइल सिम पार कर दी। इसके माध्यम से विमल कुमार के बैंक खाते का एटीएम निकलवा लिया था। बाद में अपने मामा कौशल किशोर के बैंक खाते का छह लाख रुपया विमल के खाते में ट्रांसफर कर धीरे धीरे एटीएम से रुपया निकाल लिया। विमल ने लखनऊ में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि उत्तम ने अपने फूफा खजुवैया दिबियापुर निवासी वीरेंद्र सिंह को भी शिकार बनाया था। उनके खाते से 3.75 लाख पार करना स्वीकार किया है।
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