फरियादियों की समस्या के त्वरित निस्तारण और सुरक्षा के चलते कचहरी परिसर को हाईटेक करने का काम शुरू हो गया है। इसके तहत परिसर और बिूधना मुंसिफी में दो करोड़ रुपये से सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं। कैदियों की सुनवाई के लिए वीडियो कांफ्रेसिंग हाल बनवाया जा रहा है। साथ ही परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए निजी बिजली सबस्टेशन को देवकली पावर हाउस से जोड़ा जा रहा है।
प्रदेश की सभी कचहरी परिसरों को हाईटेक व सुरक्षित बनाने के लिए हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने जनपद की कोर्ट को हाईटेक बनाने के लिए काम शुरू कराया है। इसके प्रथम चरण में कोर्ट परिसर में करीब दो करोड़ की लागत से बिजली सबस्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। जो कि देवकली पावर हाउस से जोड़ा जाएगा। न्याय विभाग के लिए 43.50 लाख की लागत से वीडियो कांफ्रेसिंग हाल बनाया जा रहा है।
जिससे कैदियों की सुनवाई व हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों के लिए न्यायिक अधिकारियों को सहूलियत प्रदान होगी। कचहरी को हाईटेक बनाने में सबसे अहम चरण सुरक्षा का है। कई बार परिसर से कैदियों के भागने के मामले सामने आते रहते हैं। इसके लिए जिला जजी व बिधूना मुंसिफी को सुरक्षा उपकरणों से लैस करने के लिए शासन ने दो करोड़ से अधिक बजट की स्वीकृति दी है। इस बजट से परिसर में 34 सीसीटीवी, पांच डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर, सात हैंडमेटल डिटेक्टर के अलावा दो बैगेज स्कैनर लगाए जाएंगे।
जिला जज के प्रशासनिक अधिकारी शिवकुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा उपकरणों के लिए स्थान चिन्हित करने का कार्य चल रहा है।