बाराबंकी। रविवार को होली की तैयारियों को लेकर शहर बाजार में पिचकारियों की खरीदारी करतीं महिलाएं।
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इस बार होलिका दहन के मुहूर्त में पेंच फंस रहे हैं। पंड़ितों, आचार्यों में ग्रह, नक्षत्र की स्थिति को लेकर अलग-अलग राय बनी है। जिसके चलते होलिका दहन 22 और 23 मार्च के शुभ मुहूर्त को लेकर उलझा है। कहीं पर देर रात होलिका दहन शुभ माना जा रहा है तो कोई शाम की बेला में होलिका दहन को लाभकारी बता रहा है। फिलहाल होली को लेकर घरों में महिलाओं की पकवान अज्ञैर गुझिया बनाने की तैयारियां भी डावांडोल हो रही हैं। सभी को होलिका दहन व रंगपंचमी की एक तिथि की घोषणा होने का इंतजार है।
सुबह होलिका दहन, 23 मार्च को होली
औरैया। पंडित रामकुमार शुक्ला बताते हैं कि 22 मार्च की दोपहर 3:12 बजे पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होने के साथ ही भद्राकरण भी लग जाएगा। भद्राकरण 23 मार्च की सुबह 4:22 बजे तक जारी रहेगा। होलिका दहन के लिए यही सही समय है। इसके बाद से रंगों का त्योहार रंगपंचमी शुरू हो जाएगा। रात के समय होलिका का दहन का उत्तम समय होने के के कारण रंगपंचमी 23 को मनाई जाएगी।
24 मार्च को मनेगी होली
औरैया। आचार्य कमल किशोर बताते हैं कि प्रतिपदा का मान भी पूर्णिमा से अधिक होने के कारण 23 मार्च को ही गोधूलि युक्त प्रदोष बेला में होलिका दहन शास्त्रानुसार रहेगा। इस दिन प्रदोष काल में शाम 6:36 बजे से 6:48 बजे तक होलिका दहन किया जा सकेगा। 24 मार्च को रंगपंचमी का त्योहार मनाया जाएगा।