बिधूना (औरैया)। ठंड शुरू होने के बाद भी रैनबसेरा नहीं खोला गया है। इस कारण रात में बाहर से आने वाले मुसाफिर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। बिधूना में दुर्गा मंदिर के पीछे नगर पंचायत का रैन बसेरा है, लेकिन वहां ताला लटक रहा है।
जिससे लोगों को ठहरने की व्यवस्था नहीं है। सोमवार रात लगभग 10 बजे महाराष्ट्र के मैनीशेख और गजानंद का परिवार बिधूना कस्बे पहुंचा। ये लोग परिवार के साथ रात गुजारने के लिए भटकते रहे। कस्बे में कोई धर्मशाला और रैनबसेरा न मिलने पर दुकानों के सामने ही खुले में लेट गए। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि जल्द ही रैनबसेरा चालू कराया जाएगा। (संवाद)