औरैया। ग्राम प्रधान लाभार्थीवार शौचालय के साथ फोटो व ब्यौरा तैयार करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे प्रशासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। डीपीआरओ ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सभी एडीओ पंचायतों को ग्राम पंचायतवार रजिस्टर 15 दिन के अंदर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इसमें असहयोग करने वाले प्रधान व सचिवों पर कार्रवाई की संस्तुति करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण की शुरूआत की थी। इसमें जिले में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए अभियान शुरू किया गया। इसमें जिले की 477 ग्राम पंचायतों में अधिकांश में शौचालयों का निर्माण लाभार्थी ने नहीं प्रधानों की तरफ से किया गया। इससे इनकी गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।
आए दिन ब्लॉक, तहसील, विकास भवन व कलक्ट्रेट में अधिकारियों के यहां ग्रामीण शिकायतें कर रहे हैं। इसको ध्यान में रखकर डीएम अभिषेक सिंह ने लगभग एक महीने पहले डीपीआरओ राजेश चौरसिया को ग्राम पंचायतवार लाभार्थियों के शौचालयों के साथ फोटो तथा ब्योरे का रजिस्टर तैयार करने के निर्देश थे। 477 ग्राम पंचायतों में बमुश्किल 10 फीसदी ग्राम पंचायतों के ही रजिस्टर तैयार हो सके हैं। इस पर डीपीआरओ ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लॉक के एडीओ पंचायतों को 15 दिन के अंदर अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इस काम में उदासीनता बरतने वाले प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।