फफूंद (औरैया)। भाग्यनगर ब्लाॅक के गांव धरमपुर के प्राथमिक विद्यालय को दो किलोमीटर दूर गदनपुर गांव के विद्यालय में विलय कर दिया गया है। जबकि इस विद्यालय में 54 बच्चे पढ़ते थे।
दो किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल में विलय करने से बच्चे आक्रोशित हैं। बच्चों ने दूसरे गांव के स्कूल में पढ़ने से मना कर दिया है। सोमवार को बच्चे धरमपुर के बंद स्कूल पहुंचे और आक्रोश जताया। प्रधान और अभिभावकों ने भी स्कूल का विलय नहीं करने की मांग की है। साथ ही धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
सिंगलामऊ पंचायत के ग्राम प्रधान सुनील कुमार एवं बच्चों के अभिभावक महारा सिंह, मुकेश, रामू, विमलेश, कमलेश, सुभाष, वीरेंद्र, बबलू, शिवकुमार, मलखान ने कहा कि बच्चे दूर नहीं जाना चाहते हैं। इसी तरह ग्रामीण संजय कुमार, गुरुवचन, विनय कुमार, योगेश, श्रीपाल, अमित कुमार, सुशील कुमार व राजकुमार ने स्कूल विलय करने का विरोध किया है।
इनका कहना है कि गदनपुर में पढ़ने वाले बच्चों को मुरादगंज मार्ग पार करके दो किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। इससे बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। विरोध में प्रधान और ग्रामीणों द्वारा बीएसए को भी पत्र दिया जा चुका है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम से गांव के स्कूल को खोले जाने की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। हालांकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि विलय के समय छात्र संख्या कम थी। अब ज्यादा बताई जा रही है। मामले की जांच करके निर्णय लिया जाएगा।