बिधूना। बारिश की बेरुखी व नहरों में पानी न होने से किसान परेशान हैं। ऐसे में किसानों ने अतिरिक्त आर्थिक बोझ सहते हुए सबमर्सिबल से धान की रोपाई शुरू कर दी है।
नर्सरी तैयार होने और फसल लेट होने से बचाने के लिए किसान दिन-रात सबमर्सिबल चलाकर खेतों में पानी भरकर रोपाई करने में जुटे हैं।
किसानों का कहना है कि यदि समय पर बारिश हो जाती और नहरों-माइनरों में पानी छोड़ दिया जाता तो सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता। सबमर्सिबल से सिंचाई करने में डीजल और बिजली का खर्च बढ़ रहा है। इसके बावजूद फसल की समय से रोपाई करना किसानों की मजबूरी बन गई है।
किसानों का कहना है कि बारिश होने से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है और पानी लंबे समय तक ठहरता है। इससे फसल का विकास बेहतर होता है।
बोले किसान-रजबहों में नहीं आया पानी
धान की रोपाई शुरू हो गई है लेकिन अभी तक न तो अच्छी बारिश हुई है और न ही रजबहों में पानी आया है। ऐसे में सबमर्सिबल के सहारे रोपाई की जा रही है। -मनोज कुमार यादव
यदि चिरकुआ व रतनपुर समायन रजबहा में समय से पानी पहुंच जाता तो किसानों को काफी राहत मिलती। रजबहा में पानी नहीं आया है और न बारिश हो रही है। ऐसे में धान की फसल लेट हो रही है। -सुदीप सिंह
फोटो-30- सूखा पड़ा चिरकुआ-रतनपुर रजबहा। संवाद
फोटो-30- सूखा पड़ा चिरकुआ-रतनपुर रजबहा। संवाद
फोटो-30- सूखा पड़ा चिरकुआ-रतनपुर रजबहा। संवाद