औरैया। एक तरफ कोरोना तो दूसरी तरफ कड़ाके की ठंड के साथ हर दिन बदलता मौसम लोगों को वायरल की चपेट में ले रहा है। लक्षण दोनों में एक जैसे हैं। लिहाजा मरीज असमंजस में हैं कि उन्हें वायरल हुआ या कोरोना। कई केसों में इस तरह भ्रम होने पर डॉक्टर भी स्थिति साफ नहीं कर पा रहे हैं।
वहीं, बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी इस तरह के लक्षण के साथ संक्रमित होने वाले व्यक्तियों को ओमिक्रॉन का मरीज मानना शुरू कर दिया है। गंभीर स्थिति होने पर उसे डेल्टा वैरिएंट का मरीज मान जांच कराने की बात कह रहा है।
कोरोना की तीसरी लहर अब पीक पर जा पहुंची है। संक्रमण की बढ़ रही रफ्तार के साथ ही मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच बदले मौसम ने हालात और बेकाबू कर दिए हैं। अस्पताल पहुंचने वाले लोगों में बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम की समस्या मिल रही है। लेकिन उनमें कोरोना संक्रमण को लेकर डर बना हुआ है।
डॉक्टर से लेकर मरीज भ्रम की स्थिति में हैं कि इस तरह के लक्षण मौसमी हैं या कोरोना के। डॉक्टर बताते हैं कि गले में खराश, खांसी, बुखार के साथ बदन में दर्द इस समय वायरल और फ्लू के कारण भी हो सकते हैं, लेकिन कोरोना के लक्षण भी इसी तरह के हैं। इसलिए इसे नजर अंदाज न करें।