पुलिस लाइन के कब्जे में मल्टी परपज हॉल व विद्यालय की जमीन
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औरैया। 24 सालों से आवास विकास की जमीन पर संचालित हो रही पुलिस लाइन का मामला एक बार फिर गरमाया है। आवास विकास परिषद के उपायुक्त ने पुलिस महानिरीक्षक का पत्र लिखकर कहा है कि विभाग या तो जमीन को खरीदे या फिर किराया दे। जमीन की कीमत 14 करोड़ रुपये तय की गई है।
18 सितंबर 1997 को औरैया जिला अस्तित्व में आया था। तब से कानपुर रोड स्थित आवास विकास की जमीन पर पुलिस लाइन का संचालन किया जा रहा है। एक साल पहले ही शासन की ओर से पुलिस लाइन के लिए जमीन खरीदने के लिए बजट जारी किया गया था। इसके बाद पुलिस विभाग ने शेरपुर सरैया गांव में जमीन चिह्नित भी कर ली लेकिन आज तक उस पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
आवास विकास परिषद की ओर से कानपुर रोड पर कालोनी स्थापित की गई है। इस जमीन पर परिषद की ओर से प्लाटिंग की जानी थी, लेकिन पिछले 24 सालों से पुलिस लाइन का कब्जा होने के कारण परिषद की 14 करोड़ रुपये कीमत की जमीन फंसी हुई है।
जिसे आवास विकास परिषद न तो बेच पा रहा है और न ही पुलिस विभाग की ओर से किराया ही दिया जा रहा है। ऐसे में परिषद के अधिकारी पसोपेश में हैं। हालांकि जमीन का किराया जमा करने या फिर आज की कीमत पर इसे खरीदने का विकल्प उपायुक्त की ओर से पुलिस विभाग को पत्र लिखकर दिया जा चुका है। इसके बावजूद भी पुलिस विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।
ऐसी में आवास विकास परिषद के उपायुक्त ने एक बार फिर से पुलिस महानिरीक्षक को पत्र लिखकर जमीन का किराया मांगा है। साथ ही किराया न दे पाने की स्थिति में जमीन खरीदने और यह भी संभव न होने पर जमीन खाली करने के लिए कहा है।
उधर, शेरपुर सरैया में चिह्नित जमीन को लेकर आरआई पुलिस लाइन प्रेमचंद्र शुक्ला ने बताया कि राज्यपाल से स्टांप शुल्क में छूट देने के लिए पत्र भेजा गया था। जिस पर अनुमति मिल गई है। चुनाव बाद जमीन के बैनामे का काम शुरू कराया जाएगा।