अयाना। अजीतमल तहसील के प्यागपुर, रोशंगपुर और अंतौल में हुई अग्निकांड की घटनाओं से कई किसानों के परिवार तबाह हो गए। दूसरे दिन बुधवार को खेत पर पहुंचे कई किसान जलीं बालियां देख अपनी साल भर की मेहनत को डबडबाई आंखों से निहारते नजर आए।
आगजनी की घटना ने कई परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार सुबह हुई अग्निकांड का मंजर रात भर किसानों के सामने मंडराता रहा। कई परिवारों में चूल्हे नहीं जले, किसान और उनके परिवार के लोग सिसकियां भरते रहे। वहीं कुछ परिवार अपनी बेबसी को लेकर गुमसुम थे और उनके घरों में सन्नाटा दिखा।
अब कई किसानों के सामने कर्ज चुकाने, बेटी की शादी, पढ़ाई आदि के आलावा साल भर खाने के लिए अनाज का संकट खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन ने करीब 150 बीघा फसल जलने का आकलन किया है। मंडी अधिकारियों के साथ ही लेखपाल, कानूनगो की टीमें भी आकलन कर रही है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा।
शादी की खुशियां हुईं फीकी
रोशंगपुर के रामचंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि आग लगने से उनकी छह बीघा की फसल जल गई, इसमें उनके भाइयों का भी हिस्सा है। बुधवार (आज) को बेटी गोल्डी की शादी होनी है। गेहूं में अच्छी पैदावार होने से उसे शादी में काफी मदद मिल जाती, लेकिन एक झटके में सब कुछ तबाह हो गया। बेटी की शादी की चिंता सता रही थी लेकिन ऐसे वक्त में नाते-रिश्तेदार व दोस्त मददगार बनकर सामने आए और बेटी की शादी की तैयारी कर रहे हैं।
बीमार बेटी का इलाज कराना होगा मुश्किल
रोशंगपुर के राजकुमार ने बताया कि आग लगने से उसके खेत जल गए। अब उसके सामने घर चलाने के साथ-साथ बीमार बेटी गोल्डी का इलाज कराने की समस्या खड़ी हो गई है। गेहूं की फसल से उसे काफी रहत मिलती, लेकिन सब कुछ तबाह हो गया।
परिवार व बीमार बेटी के साथ बैठे राजकुमार। संवाद- फोटो : AURAIYA
खेतों पर जली गेहूं की बालियां निहारते किसान। संवाद- फोटो : AURAIYA