औरैया। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य नवंबर में शुरू होने की संभावना है। एक्सप्रेस-वे के लिए 87 फीसदी जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। जिले की तीनों तहसीलों के 37 गांवों की 463 हेक्टेयर जमीन में 393.7145 हेक्टेयर का अधिग्रहण हो चुका है। इसके लिए करीब 364 करोड़ 41 लाख रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से एनएच-19 को पार करते हुए बुंदेलखंड को जोड़ने के लिए इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण होना है। किसानों से जमीन का अधिग्रहण चार गुनी दरों पर किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेस-वे झांसी से शुरू होकर चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, औरैया, जालौन से होकर इटावा जिले से गुजरेगा और आगरा से बटेश्वर से होकर नसीमपुर पहुंचेगा। इसके बाद यह आगरा एक्सप्रेस-वे से मिल जाएगा। इसका काम पूरा हो जाने पर सफर आसान हो जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए जिले के 37 गांवों की भूमि को अधिग्रहित किया जाना है। इसके लिए निर्धारित दर क्रय मूल्य पर जिले की तीनों तहसीलों के नामित राजस्व अधिकारियों द्वारा 87 फीसदी भूमि क्रय की जा चुकी है।
इन गांवों की जमीनों का हुआ अधिग्रहण
औरैया सदर तहसील के 14 गांवों में बखरिया, तिलकपुर, गढ़ा मानिचंद्र, फतेहपुर रामू, विक्रमपुर, रसूलपुर
हुलासराय, दासपुर, मुड़ेना रामदत्त, मिहौली, पन्हर, निगड़ा, करमपुर, अस्ता व रामपुर रामसहाय शामिल हैं। वहीं, अजीतमल तहसील के नौ गांवों में सलैया, पड़रिया, मिर्जापुर मुवाहिज, बहादुरपुर ऊंचा, सतहड़ी, शौहरी गढ़िया,
सुअटपुर, ऊंचा व ब्यौरा नवलपुर हैं। उधर, तहसील बिधूना के 14 गांवों में पूरनपुर, भैंसोल, रामपुर वेश्य, आशा, तुरकपुर, लालपुर, छछूंद, एलपी, लहटोरिया, इटैली, गढ़वाना, बैसोली, वैबाह व कोहना हैं।
परियोजना की प्रगति पर एक नजर
औरैया। जिले की औरैया, अजीतमल व बिधूना तहसील से कुल 463 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसमें से 397.7145 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसके लिए किसानों को करीब 364 करोड़ 41 लाख 58 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है। औरैया तहसील में 93.42 हेक्टयेर, अजीतमल में 95.5 व बिधूना में 76.95 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। औरैया जिले में कुल 87 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। वहीं, 13 फीसदी जमीन का अधिग्रहण में विलंब होने का प्रमुख कारण जमीन का विवादित होना, न्यायालय में मुकदमा चलना और कुछ किसानों द्वारा जमीन न दिए जाना है।
वर्जन:-
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। शासन से लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। जिले में 87 फीसदी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शेष जमीन पर अधिग्रहण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। नवंबर से इस परियोजना के शुरू होने की संभावना है।
अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी