फोटो 03 एयूआरपी 03 मकान तोड़ी जेसीबी। संवाद
बिधूना। दिलीप हत्याकांड के शूटर रामजी नागर समेत तीन के अवैध मकानों पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। अभियान में जेसीबी ने एक-एक करके तीन मकान ध्वस्त कर जमीनें कब्जामुक्त की। सभी वन विभाग की जमीन पर काबिज थे। वन विभाग ने तीन बार नोटिस जारी कर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
तहसील के कस्बा अछल्दा के मोहल्ला प्रेमनगर में वन विभाग की जमीन है। उप प्रभागीय वनाधिकारी शाकिर खान के अनुसार इस जमीन पर दिलीप हत्याकांड का शूटर व गैंगस्टर रामजी नागर उर्फ चौधरी नट, रमेश चंद्र, गांव पूरनपुर निवासी हरविलास अपना पक्का मकान बनाकर रह रहे थे। रामजी नागर मकान के बाहर झोपड़ी भी रखी थी। सालों से कब्जा था। शाकिर ने बताया कि तीनों मकान 20-20 मीटर की दूरी पर बने थे। कब्जेदारों को पहले नोटिस छह व दूसरा 19 जून को नोटिस दिया गया।
बाद में 19 जुलाई को बेदखली का आदेश हुआ। तीन अगस्त तक कब्जेदारों को जवाब देने का समय दिया लेकिन उनकी तरफ से कोई भी पक्ष नहीं रखा गया। बुधवार को तहसील प्रशासन पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। सबसे पहले गैंगस्टर रामजी नागर के घर के बाहर रखी झोपड़ी हटाई। बाद में उसके मकान को बुलडोजर से ध्वस्त किया। रमेश चंद्र के मकान में सामान को बाहर निकाला गया। बाद में रमेश व हरविलास के मकान को गिरा दिया गया। तीनों 2.33 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा किए थे। कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेश सिंह, कस्बा इंचार्ज हेमलता यादव, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार व वन विभाग की टीम मौजूद रही।
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