औरैया। बढ़ती महंगाई से आम आदमी के लिए अपना आशियाना बनाना अब और भी मुश्किल हो गया है। पिछले साल की तुलना में इस साल भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। घर को सुसज्जित करने के लिए प्रयुक्त सामग्री में 50 प्रतिशत तक महंगाई देखी जा रही है। इसके अलावा मजदूरी में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है।
हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना घर हो, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण चुनिंदा लोग ही अपने सपनों के घर को साकार कर पा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह निर्माण सामग्री की कीमतों के साथ-साथ एक वर्ष में बढ़ी मजदूरी भी है। पिछले तीन महीनों से भवन निर्माण की सामग्री में 15 से 20 प्रतिशत तक उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
सीमेंट की जो बोरी पहले 260 में मिला करती थी। आज एक वर्ष बाद उसकी कीमत 360 के करीब जा पहुंची है। अन्य सामग्री का भी यही हाल है। लेबर और मिस्त्री के खर्चों की बात करें तो उसमें भी 25 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। वर्तमान में एक श्रमिक को रोजाना 350 रुपये की दिहाड़ी दी जा रही है। एक मिस्त्री दक्षता के हिसाब से 500 व 600 रुपये ले रहे है। इंजीनियर एसके सिंह ने बताया कि 800 वर्ग फीट के प्लाट पर भवन निर्माण में लगभग 15 लाख का खर्च अब आने लगा है।
यह भवन एक साल पहले लगभग 10 लाख रुपये में तैयार हो जाता था। निर्माण सामग्री के साथ-साथ भवन की रंगाई-पुताई, बिजली उपकरणों के सामानों के दाम बढ़े हैं। व्यापारी रोहित मिश्रा ने बताया कि निर्माण सामग्री की कीमतों में एक साल की स्थिति को देखें तो बढ़ोत्तरी हुई है। बढ़ती कीमतों के कारण अब लोग कम दायरे में भी भवन बनाने लगे हैंं। महंगाई के कारण व्यापार भी कुछ हद तक मंद हुआ है।
सामान - वर्तमान कीमत - एक साल पहले की कीमत
सीमेंट - 360 से 410 रुपये प्रति बोरी - 260 से 270 रुपये
मौरंग - 4000 रुपये प्रति ट्राली 100 फीट - 3000 से 3200 रुपये
सरिया - 5200 प्रति क्विंटल - 4000 से 4500 रुपये
गिट्टी - 4000 रुपये प्रति ट्राली 100 फीट - 3000 से 3300 रुपये
ईंट - 7000 से 8000 रुपये प्रति हजार - 5000 से 6000 रुपये
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