औरैया। किशोरी से दुष्कर्म के 13 साल पुराने मामले में बुधवार को पॉक्सो कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद भाई-बहन को दोषी करार दिया।
दुष्कर्म के आरोपी कानपुर देहात स्थित थाना रसूलाबाद के गांव रसूलपुर निवासी रफीक को उम्रकैद व सहयोगी बहन छिदना को सात साल की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें इटावा जेल भेज दिया गया है।
बिधूना कोतवाली क्षेत्र में आठ जून 2013 को कानपुर देहात निवासी रफीक ने एक किशोरी के साथ अपहरण और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। वारदात में आरोपी की बहन छिदना ने भाई का सहयोग किया।
पुलिस ने मामले में 11 जुलाई 2013 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला पॉक्सो कोर्ट में मामला चला।
बुधवार को दुष्कर्म के मामले में सुनवाई की गई। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर भाई-बहन को दोषी करार दिया।
अदालत ने दुष्कर्म व पॉक्सो में दोषी रफीक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोषी बहन को भी सजा के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। न्यायाधीश ने अर्थदंड की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए।