यमुना नदी में पिछले कई दिनों से बढ़ रहे जलस्तर को देखने को लोगों की भीड़ पुल पर जमा हो रही है। यमुना पुल पर खड़े होने के स्थान पर पुल की टूटी रेलिंग लोगों के लिए खतरा साबित हो रही है। बावजूद इसके संबंधित विभाग ने रेलिंग टूटने के चार दिन बाद भी कोई सुध नहीं ली है।
शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी पुल पर चार दिन पूर्व एक तरफ की रेलिंग का दो मीटर का हिस्सा टूट जाने से लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है। वहीं रात में निकलने वाले दो पहिया व चार पहिया वाहनों के अलावा साइकिल से निकलने वाले राहगीरों के लिए कभी भी बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है।
लोगों का कहना है कि पुल से गुजरते समय अचानक सामने से आने वाले वाहनों की रोशनी से चकाचौंध होने पर कोई भी टूटी रेलिंग से सीधे यमुना में जा सकता है।
वहीं चार दिनों से यमुना में पानी के बढ़े जलस्तर को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी यमुना पुल पर ही एकत्रित हो रही है। ऐसे में कोई भी धोखा खाकर किसी दुर्घटना का शिकार हो सकता है।
मजे की बात तो यह है कि पुल की रेलिंग टूटे चार दिन बीत चुके हैं। बावजूद इसके संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस ओर कोई भी ध्यान देने की जरूरत महसूस नहीं की है।
वहीं दो दिन पूर्व यमुना की बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी टूटी रेलिंग देखने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया है। इससे टूटी रेलिंग पुल से निकलने वालों की जान पर कभी भी आफत बन सकती है।