औरैया। विकास खंड भाग्यनगर में फर्जी संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) बनाकर लाखों का फर्जीवाड़ा किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया।
प्राथमिक जांच में दोषी पाए गए ब्लॉक मिशन मैनेजर संकल्प तिवारी ने पत्र जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने बिंदुओं का जिक्र करते हुए दोबारा जांच कराने की मांग की है।
फर्जी सीएलएफ बनाकर भाग्यनगर ब्लॉक में 16.71 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा कर लिया गया था। जांच में बैंक में बीएमएम संकल्प तिवारी के पत्र पर खाता खोले जाने की बात सामने आई थी। इसी के आधार पर संकल्प तिवारी को हटाने का आदेश जारी किया गया था।
अब संकल्प तिवारी का कहना है कि उन्होंने खाता खुलवाया ही नहीं और न ही उन्हें इसकी जानकारी थी। पत्र पर भी उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। अगर इसकी जांच करा ली जाए तो सब साफ हो जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन महिलाओं ने सीएलएफ बनाया था, उन्होंने भी दूसरे बीएमएम निखिल कुशवाह द्वारा खातों से निकाली गई धनराशि लेने की बात स्वीकार की है। ऐसे में प्रशासन को दोबारा से निष्पक्ष जांच करनी होगी।
वहीं दूसरी तरफ सीएलएफ बनाने वाली महिलाओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें वह निकाले गए रुपये जमा करने की बात कहती नजर आ रही हैं। पूरे मामले में डीसी एनआरएलएम एसएन सिंह ने बताया कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच की गई है। जल्द ही उच्चाधिकारियों के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।