फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा की सियासत का किला ढेर कर भाजपा बनी बादशाह

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह ही ब्लाक प्रमुख चुनाव में सत्ताधारी दल भाजपा के आगे विपक्षी सपा की किलेबंदी ढेर हो गई। वर्षों से कई सीटों पर सियासत करनी वाली सपा अपने ही गढ़ में चारों खाने चित हो गई और भाजपा ने बादशाहत पर कब्जा किया। जिले के सात ब्लॉक प्रमुखों में पांच पर भाजपा काबिज हुई है। जबकि एक पर निर्दलीय तो एक पर सपा के खाते में रही।
विज्ञापन

औरैया जिला इटावा से जुड़ा होने के कारण इसे भी सपा का गढ़ कहा जाता है। जिले में सात ब्लाक एरवाकटरा, अजीतमल, अछल्दा, बिधूना, भाग्यनगर, औरैया और सहार है। इन ब्लाकों में ज्यादातर सपा की सियासत चलती चली आ रही है। वर्ष 2017 में सत्ता बदलने के बाद राजनीतिक गणित में उलटफेर हुआ। बिधूना में अविश्वास लाकर भाजपा के कौशलेंद्र राजपूत ने सीट छीन ली। वहीं औरैया सदर से सपा के सौरभ भूषण शर्मा ने सत्ता बदलते ही खेमा बदल दिया। वह भाजपाई हो गए। इसके बाद भी पांच जगहों पर सपा मजबूत पकड़ बनाए रही। सियासत के खेल में पीछे रही जा रही भाजपा इस बार कोई चूक नहीं करना चाहती थी।
पार्टी नीतियों की दुहाई देने के साथ एक मजबूत रणनीति बनाई। इस रणनीति में भाजपा ने सपा को सारे खाने चित कर दिया और अछल्दा, अजीतमल, सहार, औरैया, बिधूना में पार्टी प्रमुख बनाने में सफल रही। इस लड़ाई में अन्य दल दूर दर तक नजर नहीं आए और सपा की किलेबंदी ढेर कर भाजपा बादशाह बनने में सफल रही।
विज्ञापन

सरकारी मशीनरी के बल पर जीता चुनाव
सपा ने सभी जगह मजबूती के साथ चुनाव लड़ा। धन बल के साथ भाजपा ने सरकारी मशीनरी का प्रयोग किया। बिधूना में सपा जीत रही थी, भाजपा के लोगों ने प्रशासन की मदद लेकर चुनाव जीता। एरवाकटरा में जीती प्रत्याशी भी समाजवादी है। सपा हमेशा मजबूत रही है, और रहेगी।- राजवीर सिंह, जिलाध्यक्ष सपा।
भाजपा नीतियों से मिली सफलता
समाजवादी पार्टी का अभी तक जो चरित्र, चेहरा और चिंतन रहा उसमें दुरुपयोग, मारपीट कर चुनाव कराना शामिल रहा। भाजपा ने चुनाव लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लड़ा। केंद्र और प्रदेश की योजनाओं और पार्टी नीतियों को देखकर जनता भाजपा के साथ कदम से कदम मिलाकर चली और बड़ी सफलता पाई। - श्री राम मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष
पहली बार ब्राह्मण प्रत्याशी बना ब्लॉक प्रमुख
अजीतमल। ब्लॉक की स्थापना 1956 में होने के बाद पहली बार ब्राह्मण समाज के प्रत्याशी को ब्लॉक प्रमुख की सीट पर बैठने का मौका मिला है। 65 वर्षों से हो रहे ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में क्षत्रिय, यादव, पाल व एससी प्रत्याशी ब्लॉक प्रमुख की सीट पर काबिज होते रहे हैं। ऐसे में ब्राह्मण समाज में खुशी व्याप्त है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार सामान्य जाति की सीट होने के कारण भाजपा ने ब्राह्मण समाज के अवनीश उर्फ रजनीश पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया था। अवनीश ने 33 मत प्राप्त कर कड़े मुकाबले के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को सात मतों से पराजित कर अजीतमल ब्लॉक प्रमुख की सीट पर कब्जा किया है। ब्राह्मण समाज के प्रत्याशी की जीत पर भाजपा खेमेे में खुशी है। ब्राह्मण समाज ने पहली बार सीट मिलने पर खुशी जताई है। कस्बे के लोगों ने रजनीश पांडेय के ब्लॉक प्रमुख बनने पर उन्हें फूल मालाओं से लादकर जोरदार स्वागत किया। बधाई देने वालों में ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष नीरज चौधरी, पंकज त्रिपाठी, संतकुमार शुक्ला, मुकेश दीक्षित, नीरज त्रिपाठी, प्रशांत तिवारी, विपिन चतुर्वेदी, गोपाल मिश्रा, नितिन पांडेय, संदीप शुक्ला, प्रशांत पाठक, कौशल तिवारी शामिल रहे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें