औरैया। मनरेगा मजदूरों को अक्सर मजदूरी का भुगतान देर से किया जाता है। ऐसे में राज्यपाल की ओर से नई अधिसूचना जारी की गई है। जिसके तहत 15 दिन से अधिक बीतने के बाद मजदूरी का भुगतान करने पर 0.5 फीसदी प्रतिकर का भुगतान भी करना होगा।
मनरेगा से जॉब कार्ड धारकों को 90 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। अक्सर मजदूरों से कार्य कराने के बाद बहुत दिनों तक उनका भुगतान रोक लिया जाता है। उन्हें इस समस्या से निजात दिलाने और विलंबित भुगतान पर अंकुश के लिए शासन ने प्रतिकर देने की योजना बनाई है। जिसका शासनादेश भी जारी हो गया है। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति जिसने योजना के अधीन कार्य किया हो, उसे किसी भी स्थिति में मस्टर रोल बंद होने के बाद 15 दिन के भीतर साप्ताहिक आधार पर मजदूरी प्राप्त करने का हक होगा। यदि 15 दिन के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो विलंबित दिन मजदूरी के 0.5 फीसदी की दर से प्रतिकर देना होगा। अवधि में प्रतिकर और मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है तो कार्यक्रम अधिकारी प्रतिकर देयता प्रारंभ होने के 15 दिन के भीतर के भीतर भुगतान सुनिश्चित कराएंगे। अन्यथा दोबारा 0.5 फीसदी की दर से प्रतिकार देना होगा। प्रतिकर का भुगतान विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारी से लिया जाएगा।
निस्तारण की समय सीमा
औरैया। शासन ने मजदूरी के प्रकरणों के निस्तारण के लिए समय का निर्धारण कर दिया है। जिसके तहत कार्य बंद होने के बाद ब्लॉक कार्यालय में मस्टर रोल फीडिंग दो दिवस, कार्य को मापने के बाद ब्लॉक कार्यालय में पुस्तिका जमा करने के लिए चार दिवस, नरेगा साफ्ट पर कार्य की माप को फीड करने के लिए पांच दिवस, मजदूरों की सूची तैयार करने के लिए छह दिवस, निधि अंतरण के लिए एफटीओ जनित करना और हस्ताक्षरित करने के लिए सात दिवस और द्वितीय हस्ताक्षरकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित निधि का अंतरण आदेश जारी करने के लिए आठ दिवस का समय निर्धारित किया है।
ऐसे होगी वसूली
औरैया। प्रतिपूर्ति, विलंब के लिए उत्तरदायी ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन और मानदेय से वसूली की गई धनराशि से की जाएगी। जिनके द्वारा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न किए जाने के कारण उक्त प्रतिकर देय होगा।
कोट
शासनादेश के बाद विलंबित भुगतान के मामलों पर रोक लगेगी। अधिकारी और कर्मचारी स्वयं कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी का भुगतान कराएंगे। इससे मजदूरों को अपनी मजदूरी के लिए किसी के यहां चक्कर नहीं काटना होगा।
बृज किशोर पाठक ( सीडीओ: