नवजात बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराने लेकर जाता पीआरवी पुलिस कर्मी सतेंद्र सविता। संवाद
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औरैया। बोल पाती तो शायद नवजात बच्ची मां से उसका आंचल पकड़कर जरूर पूछती कि मां क्या तू मेरे बिना रह सकेगी। इस तरह फेंककर जाते देख रो भी देती। मां, क्या मेरा यहीं कसूर है कि मैने बेटी के रूप में जन्म लिया। बेटा होती तो भी क्या इस तरह छोड़ देती।
औरैया सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव करमपुर मुढ़ी रोड पर मंगलवार सुबह छह बजे नवजात बच्ची झाड़ियों के बीच पुराने कपड़ों में लिपटी मिली। राहगीरों ने बच्ची का रोना सुना तो पास पहुंचे। बच्ची को बुरी तरह जख्मी देख लोग सिहर उठे। आनन फानन में यूपी 112 पर सूचना दी। बच्ची के मिलने की सूचना पर पीआरवी 2636 से सिपाही सत्येंद्र सविता और चालक विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। सतेंद्र ने उसे सीने से चिपका लिया। पुलिस कर्मी उसे 50 शय्या जिला अस्पताल ले गए।
वहां से उसे सैफई रेफर किया गया है। पुलिस ने आसपास व अस्पतालों में बच्ची के बारे में पूछताछ की। देर शाम तक बच्ची की मां का पता नहीं चल सका। कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि फिलहाल बच्ची की देखरेख के लिए महिला आरक्षी आरती को जिम्मेदारी दी गई है। वह उसके साथ है। (संवाद)