फोटो 13 एयूआरपी09- बंद पड़ी सीएचसी का निरीक्षण करते स्वास्थ्य अधिकारी।
बेला (औरैया)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का भवन तीन साल से बनकर तैयार खड़ा है, लेकिन स्टाफ व अन्य संसाधन न होने से इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यहां के लोगों को इलाज के लिए सहार, बिधूना सीएचसी या दूसरे जिले के अस्पतालों में जाना पड़ता है।
इससे लगभग 20 से 25 हजार की आबादी को जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। सोमवार को बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बेला सीएचसी का निरीक्षण किया और जल्द शुरू होने की बात कही।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012-13 में सीएचसी का निर्माण कराने की मंजूरी दी थी। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल यूनिट-9 इटावा ने 2017 में भवन तैयार कर दिया था। तीन वर्ष बीत जाने के बाद भवन का सही रखरखाव न होने के कारण खिड़कियों में शीशे टूट गए हैं, रंगाई-पुताई भी छूट गई है।
ग्राम प्रधान संतोष कुमारी चौहान के अलावा गांव के आशुतोष दुबे, बबलू मिश्रा, शीलू कुशवाहा, नरेंद्र पाल, संतोष नायक, विनीत चतुर्वेदी, प्रदीप गुप्ता, रमेश सक्सेना, मिश्रीलाल कुशवाहा, सुभाष सैनी, दीपू ठाकुर, हरिओम पोरवाल, रामपाल यादव, रणवीर सिंह, विमल दुबे, इंदल कुशवाहा व भूपेंद्र सिंह चौहान आदि ने जिलाधिकारी से बेला सीएचसी जल्द शुरू कराने की मांग की है।
इस संबंध में सीएमओ डॉॅ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि बेला सीएचसी चालीस शय्या है। चिकित्सक व स्टाफ की कमी के चलते शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार नया बजट आते ही अस्पताल शुरू हो जाएगा।