औरैया। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों और शिक्षकों पर अवैध तरीके से धन और संपत्ति जुटाने के आरोपों पर शासन ने नकेल कसने की कवायद शुरू की है। विभाग में काम करने वाले सरकारी सेवकों को न सिर्फ अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा शासन को देना होगा, बल्कि यह विवरण अब मानव संपदा पोर्टल पर भी अपलोड करना होगा। विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने सभी कर्मचारियों और शिक्षकों को अपनी संपत्ति का ब्योरा 20 जुलाई तक देने के आदेश दिए हैं।
शासनादेश आते ही जिले की बीएसए चंदना राम इकबाल ने इस पर अमल कराने के सभी खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से शिक्षक व कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बीएसए ने बताया कि अभी तक सिर्फ अफसरों को यह जानकारी देनी होती थी। अब चतुर्थश्रेणी कर्मी से लेकर सभी वर्ग के कर्मचारियों और शिक्षकों को ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर देना होगा। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने 25 जून को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसकी एक प्रति शासन को 20 जुलाई तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिए हैं। तय समय में यह विवरण उपलब्ध न कराने वाले सरकारी सेवकों के खिलाफ खुली सतर्कता जांच शुरू कर दी जाएगी। (संवाद)
तीन वर्ष से जमे कर्मचारियों का बदलेगा काम
चालू वर्ष में 31 मार्च तक बीते तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही पटल पर नियुक्त लिपिकों का काम भी बदलेगा। जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों में ऐसे लिपिकों के पटल बदलने की कार्रवाई 10 जुलाई तक पूरी करने के भी निर्देश हैं। विभाग के अधीन सभी सरकारी कार्यालयों/संस्थानों/विशिष्ट संस्थानों में कार्यरत समूह ‘ग’ और ‘घ’ के उन कार्मिकों का भी तबादला 10 जुलाई तक करने का निर्देश दिया गया है, जो लंबे समय से जिले में तैनात हैं। बीएसए ने बताया कि इस संबंध में भी उन्हें आदेश मिला है।