औरैया। ठेकों पर बिकने वाली शराब नकली तो नहीं है, अब इसकी पहचान आसानी से की जा सकेगी। जल्द ही सभी ठेकों पर पॉस मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल मशीन) लगाई जाएंगी। इन मशीनों से बार कोड को स्कैन कर शराब की असली-नकली की पहचान की जाएगी।
शराब के ठेकों पर चोरी छिपे नकली शराब बेचने वालों की अब खैर नहीं है। आबकारी विभाग की ओर से सभी ठेकों पर मार्च के तक में प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें लगाईं जाएंगी। इसके लिए शासन स्तर से तैयारियां की जा रहीं हैं। इस मशीन के लगने से ठेका से शराब की बोतल खरीदने के बाद उस पर लिखे बार कोड को स्कैन करते ही शराब की असली-नकली की गुणवत्ता का तत्काल पता चल जाएगा।
नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए शासन की ओर से सभी ठेकों पर मार्च-अप्रैल में पॉस मशीनें लगाई जाएंगी। इसके लिए तैयारियां जारी हैं। इससे शराब की असली-नकली की पहचान आसानी से हो जाएगी। - ज्ञानेंद्र नाथ पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी
इस तरह होता है खेल
ठेकों पर बिक रही शराब में मिलावट की बात आम है। सूत्रों के मुताबिक मिलावटखोर बोतल पर लगे ढक्कन को बड़े ही आराम से बिना सील टूटे निकाल लेते हैं। शराब निकालने के बाद उसमें नकली शराब भरकर फिर से ढक्कन को बिना सील टूटे ही बोतल पर फिट कर देते हैं। ठेकों पर लगाई जाने वाली पॉस मशीन सिर्फ बोतल पर बने बार कोड को ही स्कैन करेगी। अब इससे मिलावट पर कितना अंकुश लगता है, ये देखने वाली बात होगी।