होली का रंग खेलने के बाद शाम को फूलगंज मैदान में महामूर्ख सम्मेलन में मूर्खो की विसात एकत्रित हुई। अध्यक्षता पिछले वर्ष के महामूर्ख आनंद कुशवाहा ने की। इस मौके पर अयाज भाई अयाज को 2015-16 के महामूर्ख की उपाधि से नवाजा।
नव नियुक्त महामूर्ख को कंडे से आरती उतारकर ताज व सब्जियों की माला पहनाई। महामूर्ख केबिनेट में शामिल नौ मंत्रियों को पद व गोपनीयता भंग करने की शपथ दिलाई गई।
महामूर्ख सम्मेलन की शुरुआत डा. गुरुप्रताप वर्मा ने मां सरस्वती वंदना कर की। तत्पश्चात कैलाश नारायण पांडेय, प्रवीण गुप्त, प्रकाश चंद्र मिश्र औघड़ ने कविताओं के माध्यम से मंच को गति दी। गायन विधा के मर्मज्ञ सरदार इंदरजीत सिंह ने जोक सुनाकर सभी को गुदगुदाया।
छोटे-छोटे बच्चे मोहित कुशवाहा, आयुष वर्मा, राहुल कुमार ने चुटकुले सुनाकर सभी को लोटपोट किया। वहीं बच्ची साक्षी के नृत्य को सराहा गया। सम्मेलन में हिंदू-मुस्लिम एकता को तरजीह दी गई।
सर्व सम्मति से अयाज भाई अयाज को वर्ष 2015-16 के लिए महामूर्ख की उपाधि से नवाजा। नव नर्वाचित महामूर्ख की कंडे से आरती उतारने के बाद ताज पहनाया। साथ ही महामूर्ख अयाज का सब्जियों की माला पहनाकर स्वागत किया गया।
तत्पश्चात केबिनेट मंत्रिमंडल में शामिल नौ मूर्खों को पद का दुरुपयोग करने व गोपनीयता भंग करने की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर मेजर आदित्य त्रिपाठी, शंकर दयाल शुक्ला, रामस्वरुप दीक्षित, गोपाल सर्राफ के अलावा भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। संचालन अनुुरुद्ध त्रिपाठी ने किया।