औरैया। शहर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड की सुनवाई रोजाना करने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन शासन की अनदेखी हो रही है। बुधवार को आगरा जेल में बंद सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत तीन आरोपितों के उपस्थित न होने के कारण मामले की सुनवाई टल गई।
शहर के मोहल्ला नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने कमलेश पाठक समेत 11 आरोपितों को हत्यारोपी बनाकर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की।
इस मामले की सुनवाई कर रही विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने प्रत्येक मंगलवार की जगह प्रत्येक कार्य दिवस में सुनवाई की तिथि लगाना शुरू कर दिया। बुधवार को गवाही की कार्यवाही होनी थी, लेकिन आगरा जेल में निरूद्ध कमलेश पाठक समेत तीन आरोपी कोर्ट में पेश नहीं किए जा सके।
इस कारण अन्य आरोपियों को वापस जेल भेजकर अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल तय की गई। बता दें कि इस मामले के 11 आरोपितों को प्रदेश के पांच जेलों में रखा गया है। जिन्हें प्रतिदिन कोर्ट में लाना एक व्यवहारिक समस्या है।
इसलिए सुनवाई कर रही कोर्ट ने अभियोजन की सहमति से शासन को लिखा है कि इस प्रकरण के आरोपियों को एक जेल में रखा जाए। जिससे हाईकोर्ट की मंशा के अनुरूप रोजाना सुनवाई हो सके।
इधर मंगलवार को सत्र न्यायालय ने कमलेश पाठक की गैंगस्टर मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी। जिससे उनके जेल से बाहर आने में समय लगेगा।